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ग्वालियर: बंदूक का लाइसेंस चाहिए तो स्कूल छोड़ चुके 10 बच्चों का दाखिला कराइये

Sushil Koushik | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 15, 2019, 3:05 PM IST
ग्वालियर: बंदूक का लाइसेंस चाहिए तो स्कूल छोड़ चुके 10 बच्चों का दाखिला कराइये
स्कूल ड्रॉप आउट बच्चों को स्कूल वापस लाने के लिए ग्वालियर कलेक्टर का नया प्लान

स्कूल छोड़ चुके बच्चों (School drop out childrens) को वापस स्कूल लाने के लिए ग्वालियर कलेक्टर (Gwalior Collector) ने नई योजना बनाई है. इस योजना के तहत स्कूल (school) छोड़ चुके 10 बच्चों का दाखिला कराने पर ही ज़िला प्रशासन अब बंदूक के लाइसेंस (Arms licence) देगा.

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ग्वालियर कलेक्टर (Gwalior Collector) ने स्कूल ड्रॉप आउट बच्चों (School drop out childrens) को स्कूल (School) तक वापस लाने के लिए नया प्लान बनाया है. स्कूल छोड़ चुके 10 बच्चों का दाखिला कराने वालों को हथियार लाइसेंस (Arms licence) दिए जाएंगे. प्रशासन को उम्मीद है कि नई कवायद से बच्चे स्कूल पहुंचेंगे, जिससे शिक्षा स्तर में भी सुधार होगा. हालांकि इससे पहले बंदूक के लाइसेंस के लिए 10 पेड़ लगाना अनिवार्य था लेकिन निगरानी के अभाव में योजना दम तोड़ गई. प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई पहल के सकारात्मक नतीजे निकलेंगे.

हथियार लायसेंस चाहिए तो बच्चों को स्कूल पहुंचाइए
वैसे तो ग्वालियर अंचल में लोग अपनी हिफाजत के लिए हथियार रखते हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों से हथियार रखना स्टेटस सिंबल बन चुका है. यही वजह है कि शौकिया तौर पर बंदूक रखने वालों की ताताद बढ़ गई है. कलेक्टर ने हथियार लायसेंस की चाहत रखने वालों को शिक्षा स्तर बेहतर बनाने में सहभागी बनाने की कवायद शुरु की है. कलेक्टर ने आदेश जारी किया है कि जो लोग स्कूल से वंचित या स्कूल छोड़ चुके 10 बच्चों का दाखिला कराएंगे उनको हथियार लायसेंस दिया जाएग. अगर कोई व्यक्ति स्कूल छोड़ चुके 10 बच्चों को पढ़ाता है या फिर उनको स्कूल तक पहुंचाता है, तो उसे समाजिक कार्य के लिए बंदूक का लाइसेंस दिया जाएगा. कलेक्टर अनुराग चौधरी का कहना है कि स्कूल से वंचित बच्चों का दाखिला कराने वालों को बंदूक लाइसेंस देने से दूसरे लोगों को भी सामाजिक सरोकारों के लिए प्रेरणा मिलेगी.

News - प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई पहल से ज़िले में शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा
प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई पहल से ज़िले में शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा


बच्चे स्कूल पहुंचेंगे या कागजी खाना पूर्ति होगी
ग्वालियर में अभी तक बंदूक के लाइसेंस के लिए 10 पेड़ लगाना अनिवार्य था, लेकिन अब ऐसे लोगों को भी हथियार दिए जाएंगे, जो शिक्षा से वंचित बच्चों को स्कूल की दहलीज तक पहुचाएंगे. हालांकि कलेक्टर की नई पहल को लेकर शिक्षाविद सुधीर सप्रा का कहना है कि, 'सरकार ने बच्चों को स्कूल तक लाने और शिक्षा स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, लेकिन मॉनिटरिंग के अभाव के चलते नतीजे बेहतर नहीं रहे हैं. बंदूक लाइसेंस का लालच देकर लोगों को शिक्षा स्तर सुधारने में सहयोगी बनाने की ये मुहिम भी कागजी बनकर न रह जाए.'

प्रशासन को उम्मीद है कि नई पहल से बंदूक चाहने वालों की हसरत भी पूरी होगी और साक्षरता का स्तर भी बढ़ेगा. लेकिन ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि इस पहल से शिक्षा स्तर बेहतर होता है या हथियारों की होड़ लगेगी.
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First published: October 15, 2019, 3:05 PM IST
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