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पुलिस ने पति की हत्‍या के जुर्म में पहुंचाया जेल, कोर्ट ने किया आजाद, अब सामने है ये संकट
Gwalior News in Hindi

Sushil Koushik | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 6, 2020, 5:43 PM IST
पुलिस ने पति की हत्‍या के जुर्म में पहुंचाया जेल, कोर्ट ने किया आजाद, अब सामने है ये संकट
ग्‍वालियर कोर्ट ने पति की हत्‍या के मामले में पत्‍नी को किया बरी.

पति की हत्या के आरोप में एक महिला को तीन साल बाद ग्‍वालियर कोर्ट (Gwalior Court) ने बेगुनाह मानते हुए रिहा कर दिया है. हालांकि उत्‍तर प्रदेश के फिरोजाबाद की रहने वाली क्षमा शाक्‍य के सामने अपने दो बच्चों को पालने का संकट खड़ा हो गया है. थक हारकर उसने सीएम कमलनाथ (CM Kamalnath) से मदद की गुहार लगाई है.

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ग्वालियर. पति की हत्या के आरोप में एक महिला को तीन साल बाद ग्‍वालियर कोर्ट (Gwalior Court) ने बेगुनाह मानते हुए रिहा कर दिया है. जबकि अपने दो बच्चों के साथ ये महिला जेल से बाहर आने के बाद आश्रय के लिए भटक रही है. हालांकि एक एनजीओ ने महिला क्षमा शाक्‍य को अभी पनाह दी है, लेकिन वह अपने पैरों पर खड़ा होकर दो बच्चों को पालने के लिए सीएम कमलनाथ (CM Kamalnath) से मदद की गुहार कर रही है.

इस वजह से हुई जेल
उत्‍तर प्रदेश के फिरोजाबाद की क्षमा शाक्य की शादी दस साल पहले जौरा निवासी बंटी शाक्य के साथ हुई थी. शादी के बाद से ही दोनों पति-पत्नि मुरैना जिले के गुर्जा का पुरा गांव में रह रहे थे. इस बीच 5 मार्च 2017 की सुबह किसी ने बंटी की घर में ही बेरहमी के हत्या कर दी. घटना के वक्त घर में बंटी अकेला ही थी. जबिक क्षमा जौरा के पास ही अपनी बहन के घर गई हुई थी. सुबह के वक्त आसपास के लोगों ने जौरा पुलिस को सूचना दी. जबकि पुलिस मौके पर पहुंची और फिर बंटी की पत्‍नी क्षमा को फोन कर बुलाया. पुलिस ने क्षमा को पति की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर ग्वालियर सेंट्रल जेल भेज दिया. यही नहीं, क्षमा कैद हुई तो उसके दोनों बच्चे भी जेल की कस्टडी में आ गए. जब ये मामला कोर्ट में पहुंचा और सुनवाई हुई तो अदालत ने पाया कि वह बेगुनाह है, आखिर कोर्ट ने उसे रिहा कर दिया.

जेल से बाहर आने पर आया ये संकट

दोनों बच्चों के साथ सप्ताहभर पहले क्षमा जेल से रिहा होकर बाहर निकली, तो उसे सिर छुपाने का संकट खड़ा हो गया. क्षमा के मायके में कोई है नहीं और ससुराल वाले उसे रखने को तैयार नहीं है. लिहाजा अब वह अब सीएम कमलनाथ से छत और काम देने की मदद की गुहार लगा रही है.

महिला बाल विकास बोला हम करेंगे मदद
क्षमा जेल से बाहर निकली तो समाजसेविका हरप्रीत ने उसको अपने घर में पनाह दी है. हरप्रीत का कहना है कि क्षमा पर पति की हत्या का इल्ज़ाम लगा, जिसके चलते उसने तीन साल जेल में बिताए. हालांकि वह अपने बच्चों की खातिर हर दुख सहती रही, लेकिन आज बेगुनाह साबित होकर बाहर आई तो कोई सहारा नहीं मिल रहा. उधर महिला एवं बाल विकास विभाग अब क्षमा को सरकारी मदद देने की बात कह रहा है. महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक सुरेश तोमर के मुताबिक क्षमा को वन स्टॉप सेंटर, आश्रयघर या जहां वो रहना चाहे शिफ्ट किया जाएगा. इसके अलावा उसके रोजगार के लिए उचित मदद दी जाएगी. 

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First published: February 6, 2020, 4:57 PM IST
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