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ग्वालियर की छोटी करोली मंदिर: पुजारी ने बताई महिमा- भक्त ने अर्पित की जीभ, मां के प्रताप से आप ही जुड़ गई

ग्वालियर की छोटी कराली मंदिर में माता राजराजेश्वरी की प्रतिमा.

ग्वालियर की छोटी कराली मंदिर में माता राजराजेश्वरी की प्रतिमा.

Mata Rajarajeshwari Temple: पुजारी महंत देवराज कपिल महाराज ने माता का बखान करते हुए बताया कि लगभग 200 साल पहले मंदिर की ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

राजस्थान से माता का पिंडी रूप लाकर प्राण प्रतिष्ठा करवाई गई. बाद में मूर्तिरूप में विराजमान करवाया गया.
ग्वालियर स्थित माता राजराजेश्वरी मंदिर में मां काली, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां चामुंडा और कुंअर बाबा हैं.

रिपोर्ट: विजय प्रताप सिंह

ग्वालियर. शहर में छोटी करोली के नाम से चर्चित मां राजराजेश्वरी का मंदिर देशभर में प्रख्यात है. माता राजराजेश्वरी के मंदिर की स्थापना लगभग 200 वर्ष पूर्व की गई थी. मान्यता है कि मां अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं.

मां करोली मंदिर शहर के महलगांव में है. यहां के पुजारी महंत देवराज कपिल महाराज ने माता का बखान करते हुए बताया कि लगभग 200 साल पहले मंदिर की स्थापना उनके पूर्वज ब्रह्मलीन महंत हीरालाल जी महाराज ने थी. उन्होंने बताया कि महाराज पर कुंअर बाबा की सवारी आती थी. माता ने स्वप्न में आकर उन्हें अपनी सेवा का अवसर प्रदान किया, जिसके बाद उन्होंने करोली माता के मंदिर का निर्माण करवाया. इसके लिए राजस्थान से लाकर माता की पिंडी रूप में प्राण प्रतिष्ठा करवाई. बाद में यहां माता को मूर्तिरूप में विराजमान करवाया गया. वर्तमान में माता मंदिर में मां काली, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां चामुंडा और कुंअर बाबा विराजमान हैं.

भक्त ने चढ़ा दी थी अपनी जीभ

महंत कपिल महाराज ने बताया कि मां अपने भक्तों की मुराद सदैव पूरी करती हैं. उन्होंने बताया कि लगभग 20 साल पहले एक भक्त ने अपनी मुराद पूरी होने पर माता को अपनी जुबान काट कर चढ़ा दी थी. लेकिन मां तो मां है. कुछ समय बाद जुबान अपने स्थान से गायब होकर उसी भक्त के शरीर में यथास्थान पर जुड़ गई थी.

बड़ी करोली के समान ही असर

महंत कपिल महाराज ने बताया कि यदि किसी भक्त के मन में मां करोली के मंदिर जाने की लालसा है. और किसी कारणवश वह माता के दर्शनों के लिए नहीं जा पा रहा, तो वह महलगांव मंदिर स्थित मां राजराजेश्वरी मां करोली के दर्शनों का लाभ ले सकता है. यहां भी उन्हीं का स्वरूप है. इसलिए यहां दर्शनों पर भी राजस्थान माता दर्शन के समान ही लाभ मिलता है.

Tags: Devotees, Gwalior news, Mp news

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