मध्य प्रदेश में मदरसा बोर्ड के फरमान का विरोध शुरू

Sushil Koushik | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 12, 2017, 6:06 PM IST
मध्य प्रदेश में मदरसा बोर्ड के फरमान का विरोध शुरू
मध्य प्रदेश में मदरसों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए फरमान के बाद विरोध शुरु हो गया है. मदरसा संचालकों का कहना है कि वो पूरी शिद्दत से आजादी का जश्न मनाते हैं. हमें अपनी देशभक्ति का प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है.
Sushil Koushik | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 12, 2017, 6:06 PM IST
मध्य प्रदेश में मदरसों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए फरमान के बाद विरोध शुरु हो गया है. मदरसा संचालकों का कहना है कि वो पूरी शिद्दत से आजादी का जश्न मनाते हैं. हमें अपनी देशभक्ति का प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है.

मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड ने राज्य के सभी मदरसों में 15 अगस्त को झंडा फहराने और राष्ट्रगान समेत दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाने के आदेश जारी किए हैं. मदरसों को इसकी फोटो बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा गया है. इस फरमान को लेकर मंत्रियों तक ने चुप्पी साध ली है.

ग्वालियर में मदरसा संचालक दुखी है. मदरसा संचालकों का कहना है कि 1947 में देश आजाद होने के बाद से ही लगातार मदरसों में हर साल जश्न-ए-आजादी मनाया जाता है. झंडा फहराने के बाद राष्ट्रगान भी होता है. लेकिन मदरसा बोर्ड ने इस तरह से निर्देश कर उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए हैं.

मदरसों में झंडा वंदन और राष्ट्रगान की तस्वीरें और वीडियों मदरसा बोर्ड की वेब साइट पर लोट करने के आदेश पर सरकार के नुमाइंदों ने चुप्पी साध ली है. ग्वालियर में मदरसा संचालकों की नाराजगी के सवाल पर मंत्री मायासिंह भी खामोश हो गईं.

मदरसा संचालकों का कहना है कि देश को हिंदू-मुस्लिमों ने मिलकर आजाद कराया था. मदरसों में आजादी का जश्न पूरी शिद्दत के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस तरह के आदेश जारी करने से कहीं न कही उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है. आदेश से जाहिर है कि उनको आज भी शक की निगाहों से देखा जाता है.
First published: August 12, 2017
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