MP By-election: डबरा में समधी सुरेश से हारीं इमरती, सबसे ज्यादा चर्चित सीट पर कांग्रेस की जीत

इमरती देवी. फाइल फोटो.
इमरती देवी. फाइल फोटो.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By-Election) के दौरान सबसे ज्यादा चर्चित सीटों में से एक ग्वालियर की डबरा (Dabara) सीट से थी.

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ग्वालियर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By-Election) के दौरान सबसे ज्यादा चर्चित सीटों में से एक ग्वालियर की डबरा (Dabara) सीट से थी. क्योंकि इसी सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व सीएम व पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) ने बीजेपी (BJP) प्रत्याशी इमरती देवी (Imrati Devi) को आइटम कहा था. इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा हुई. इस सीट पर उपचुनाव में इमरती देवी को हार का सामना करना पड़ा है. इमरती देवी को रिश्ते में उनके समधी और कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे ने हराया है. इससे पहले मुख्य चुनाव 2018 में इमरती देवी को जीत मिली थी, लेकिन तब वे कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ीं थीं.

साल 2018 के मुख्य चुनाव में डबरा सीट पर 2.28 लाख मतदाता थे. इनमें से 68.12 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. जीत का अं​तर  57446 वोटों का था. उपचुनाव में कमलनाथ के जिस बयान पर विवाद खड़ा हुआ, वह यहीं की सभा में दिया गया था. जवाब में इमरती ने भी विवादित बयान दिया था, जो राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बनीं.

इसलिए हुई भाजपा की हार
- बिकाऊ प्रत्याशी की वजह से जनता नाराज थी. इसका नुकसान हुआ.
- कमलनाथ के अलावा कई विवादित बयान दिए. जैसे 'इमरती हार भी जाएंगी तो मंत्री बनी रहेंगी'. 'सरकार और सत्ता में इतना दम रहता है कि कलक्टर से बोल देने से कोई भी सीट जीती जा सकती है' जैसे बयान दिए. कमलनाथ को कबाड़ी, शराबी, गुंडा कहा और उनके घर की बहुओं पर भी निशाना साधा.


-कांग्रेस कैंडिडेट सुरेश राजे रिश्ते में इमरती के समधी हैं. इनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ है. दलित नेता हैं. इमरती के भाजपा में जाने से दलित-पिछड़े नाराज हैं.
- इमरती को हराने के पिछे भितरघात भी एक बड़ी वजह है. इमरती के करीबियों ने हार के लिए नरेंद्र सिंह तोमर गुट, नरोत्तम मिश्रा गुट के लोगों पर भी सवाल खड़े किए.
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