ग्वालियर जिला प्रशासन 1800 झोलाछाप डॉक्टरों पर कसेगा नकेल, बनाया एक्शन प्लान

Sushil Koushik | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 27, 2019, 5:26 PM IST
ग्वालियर जिला प्रशासन 1800 झोलाछाप डॉक्टरों पर कसेगा नकेल, बनाया एक्शन प्लान
झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी की

ग्वालियर जिले में 1800 से अधिक झोलाछाप डॉक्टर (Quake) इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने झोलाछाप डॉक्टरों पर नकेल कसने का एक्शन प्लान तैयार किया है.

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ग्वालियर जिला (Gwalior) प्रशासन मिलावटखोरों के बाद अब झोलाछाप डॉक्टरों (Quack) के खिलाफ भी एक्शन मोड में आने वाला है. प्रशासन ने जिले के 1800 से ज्यादा झोलाछाप डॉक्टरों पर नकेल कसने का एक्शन प्लान (Action Plan) बना लिया है. बीते एक साल के अंदर जिले में इलाज के दौरान या इलाज के बाद 24 मौतें हुई हैं. इन मौतों की जब वजह तलाशी गई तो ये खुलासा हुआ कि ग्वालियर जिले में 1800 से ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर इलाज कर रहे हैं. जिला मुख्यालय से लेकर छोटे-छोटे गांवों तक झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला है. यही वजह है कि अब प्रशासन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान शुरू करने जा रहा है.

ग्वालियर के कलेक्टर अनुराग चौधरी ने की कार्रवाई करने की घोषणा


झोलाछाप डॉक्टरों की वजह से बढ़ रही खराब दवाओं की खपत

जिले में गांव ही नहीं कस्बों, शहरों से लेकर ग्वालियर तक में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है. इससे गलत इलाज और खराब क्वालिटी दवाओं की खपत बढ़ रही है. स्वास्थ्य विभाग के सामने आए आंकड़ों के अनुसार जिले भर में 1800 से ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर हैं. इनमें आरएमपी, नर्सिंग डिप्लोमाधारी या फिर अन्य तरह से फर्जी डिग्री वाले डॉक्टर शामिल हैं. प्रशासन इन डॉक्टरों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने जा रहा है.

जिले में संचालित हो रहे हैं 1200 गैर-कानूनी क्लीनिक

जिलेभर में करीब 1200 गैर-कानूनी तरीके से क्लीनिक संचालित हो रहे हैं. इनमें से अधिकतर में झोलाछाप डॉक्टर इलाज कर रहे हैं. नियमों के मुताबिक MBBS डिग्रीधारी डॉक्टर ही क्लीनिक चला सकता है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि इतनी तादाद में झोलाछाप डॉक्टर क्लीनिक खोल कर बैठे हैं और प्रशासन या स्वास्थ महकमे को इसकी खबर तक नहीं लगी. सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती तादाद के पीछे प्रशासन और स्थानीय नेता जिम्मेदार हैं.

प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर एसोसिएशन नहीं चाहता कार्रवाई हो
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ग्वालियर-चंबल संभाग में करीब पंद्रह हजार झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है. प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि प्रशासन झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई करे, लेकिन जनता की स्वास्थ सेवा का पहलू भी ध्यान में रखना चाहिए. इनका मानना है कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है. ऐसे में आरएमपी, नर्सिंग या अन्य डिग्रियां लेकर जो लोग गांव-देहात में तीस-चालीस साल से इलाज कर रहे है, उन डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.

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First published: August 27, 2019, 5:07 PM IST
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