ग्वालियर में हुई सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की सुरक्षा में बड़ी चूक, 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड

रात में बिना सुरक्षा 7 किलोमीटर तक चली सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की गाड़ी. (फाइल फोटो)

दिल्ली से ग्वालियर आ रहे सिंधिया सिंधिया की कार निरावली गांव से हजीरा चौराहा तक रात में लगभग 7 किलोमीटर तक बिना सुरक्षा के चलती रही. पुलिसकर्मियों की गाड़ी सिंधिया की कार को छोड़कर दूसरी कार की पायलटिंग करती रही.

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ग्वालियर. राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की सुरक्षा में भारी चूक (security lapse) का मामला सामने आया है. दिल्ली से ग्वालियर आ रहे सिंधिया सिंधिया की कार निरावली गांव से हजीरा चौराहा तक लगभग 7 किलोमीटर तक बिना सुरक्षा के चलती रही. इस लापरवाही की वजह से ग्वालियर और मुरैना थानों के 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए हैं. दरअसल, पुलिसकर्मियों की गाड़ी सिंधिया की कार को छोड़कर दूसरी कार की पायलटिंग करती रही. रात के वक्त मलगढा तिराहा के पास हजीरा थाना प्रभारी आलोक परिहार ने सिंधिया की गाड़ी को अकेले गुजरते देखा, तो वे खुद सुरक्षा दस्ते के साथ सिंधिया को लेकर जयविलास पैलेस पहुंचे.

दो जिलों की पुलिस में तालमेल की कमी

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित वैक्सीनेशन अभियान में शामिल होने के लिए रविवार को दिल्ली से ग्वालियर आ रहे थे. दिल्ली से चलने के बाद हाइवे पर सिंधिया की कार को हर जिले में पायलटिंग-फॉलो वाहन मिलता रहा. MP में मुरैना की सीमा में एंट्री करते ही मुरैना की पायलटिंग टीम ने सिंधिया की कार के आगे चलना शुरू किया. अपनी सीमा में पुरानी छावनी के निरावली पॉइंट तक मुरैना की पुलिस टीम सिंधिया के साथ आई. जहां ग्वालियर पुलिस की टीम पायलट और फॉलो वाहन के साथ तैयार थी. लेकिन यहां दोनों जिलों की पुलिस टीमों के बीच में तालमेल नहीं हो पाया. और ग्वालियर पुलिस की टीम दूसरी कार को सिंधिया की कार समझकर पायलटिंग करने लगी. आगे जाने के बाद पायलटिंग करने वाले पुलिस अफसरों को गलती का अहसास हुआ लेकिन उस वक्त तक राज्यसभा सांसद सिंधिया की कार काफी आगे निकल चुकी थी.

निरावली से हजीरा तक आए बिना सुरक्षा के सिंधिया

ग्वालियर जिले की सीमा में पुरानी छावनी थाना के निरावली गांव से हजीरा चौराहा तक सिंधिया की कार बिना सुरक्षा और पायलटिंग वाहन के चलती रही. सिंधिया ने रात में करीब 7 किलोमीटर का सफर बिना सुरक्षा के किया. जब सिंधिया की गाड़ी हजीरा थाने के सामने से गुजरी तो TI आलोक सिंह परिहार की नजर उनकी कार पर पड़ी. सिंधिया की गाड़ी को अकेला देख TI ने फौरन अपने दस्ते के साथ सुरक्षा दी. TI ने खुद पायलटिंग कर राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य को जयविलास पैलेस तक पहुंचाया.

ग्वालियर और मुरैना जिले के 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड

अफसरों ने मामले की जांच की तो सांसद सिंधिया की सुरक्षा में ग्वालियर और मुरैना पुलिस टीमों की लापरवाही उजागर हुई. मुरैना जिले से सांसद के लिए रवाना हुई फॉलो और पायलटिंग वाहन में 9 पुलिसकर्मी थे. वहीं ग्वालियर जिले की सीमा में सिंधिया को लाने के लिए तैनात टीम में 5 पुलिसकर्मी थे. दोनों टीमों ने आपस में बात नहीं की. तालमेल न होने से ग्वालियर पुलिस टीम गलत गाड़ी को फॉलो करती रही. लिहाजा लापरवाही के लिए दोनों जिलों के 14 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबित होने वालों में दोनों जिले के 5 सब इंस्पेक्टर शामिल हैं.

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