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इंदौर-ग्‍वालियर में दिखी मकर संक्रांति पर्व की धूम, ऐसे मनाया जश्‍न

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 14, 2020, 7:37 PM IST
इंदौर-ग्‍वालियर में दिखी मकर संक्रांति पर्व की धूम, ऐसे मनाया जश्‍न
इंदौर में महिलाओं ने गिल्ली-डंडा का खेल खेला.

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के पर्व को लेकर मध्‍य प्रदेश के इंदौर और ग्‍वालियर में जबरदस्‍त धूम देखने को मिली. इंदौर में महिलाओं ने गिल्‍ली-डंडा का खेल खेला, तो ग्‍वालियर में काइट फेस्टिवल (Kite Festival) का आयोजन किया गया.

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इंदौर/ग्वालियर. मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व मध्‍य प्रदेश के इंदौर और ग्‍वालियर में धूमधाम से मनाया गया. इंदौर के अन्नपूर्णा मैदान पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुईं महिलाओं ने गिल्ली-डंडा खेलने की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए जमकर हाथ आजमाए. साथ ही पतंग उड़ाकर और तिल-गुड़ के लड्डू बांटकर मकर संक्रांति के पर्व को मनाया. जबकि इस मौके पर पर्यावरण का संदेश देने के लिए तुलसी के पौधे भी बांटे गए. वहीं ग्‍वालियर में व्यापार मेले में काइट फेस्टिवल (Kite Festival) का आयोजन किया गया. इस फेस्टीवल में शहर के लोगों ने पतंगबाजी का जमकर लुफ्त उठाया. जी हां, बच्चे से लेकर जवान और बुजुर्ग अपने परिवारों के साथ पतंगबाजी करते नजर आए.

लुप्त होते खेल को जीवित करने का प्रयास
हमारे गांव-कस्बों और शहरों की गली-मोहल्लों में कभी सबसे ज्यादा लोकप्रिय रहा गिल्ली-डंडा खेल अब विलुप्त होता जा रहा है. हालांकि ग्रामीण अंचलों में ये खेल अभी भी लोकप्रिय है, लेकिन कम्प्यूटर ने इन मैदानी खेलों पर ब्रेक लगा दिया है. वहीं विदेशों में ये पारम्परिक खेल लोकप्रिय होता जा रहा है. कंबोडिया में गिल्ली डंडा को कॉन-को, इटली में लिप्पा, फिलिपींस में स्याटोंग और यूनाइटेड स्टेट में पी-वी नाम से जाना जाता है. गिल्ली-डंडा खेल रहीं महिलाओं का कहना है कि आजकल ज्यादातर बच्चे मैदानी खेल से दूर होते जा रहे हैं, वे कम्प्यूटर और मोबाइल गेम्स में व्यस्त रहते हैं जिसके काफी नुकसान हैं. बैठे बैठे बच्चे मोटापे का शिकार हो रहे है और कम उम्र में बीमारियों के शिकार भी हो रहे हैं. ऐसे में बच्चों को गिल्ली-डंडा, सितोलिया और कंचे खेलने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है.

Gwalior, Makar Sankranti, ग्‍वालियर, मकर संक्रांति
ग्‍वालियर में मना काइट फेस्टीवल.


जब शहर के आसमान में मंडराई पतंगें
ग्वालियर व्यापार मेले के कुसुमाकर गार्डन में काइट फेस्टीवल का भव्य आयोजन किया गया. पूरे शहर से आए पतंगबाजों ने अपने हुनर दिखाए. इस बार फेस्टीवल में मछली, स्पाइडरमैन, ऑक्टोपस और रंग बिरंगी पतंगों से आसमान को रंगीन हो गया. काइट फेस्टिवल में राफेल की पतंग के साथ ही सिंधिया और पीएम मोदी खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी. मेला सांस्कृतिक समिति के प्रबंधक प्रवीण अग्रवाल का कहना है कि काइट फेस्टीवल का मसकद मेले में आने वाले सैलानियों को मनोरंजन का अवसर देना है. साथ ही पतंगबाजों का शौक भी पूरा होता है. जबकि मुरार से आई सोहनी शर्मा का कहना है कि ग्वालियर के ऐतिहासिक व्यापार मेला में काइट फेस्टीवल से हमारी नई पीढ़ियों को पुरानी परंपरा को जानने का मौका मिलता है.

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First published: January 14, 2020, 7:29 PM IST
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