माइनिंग विभाग ने अवैध उत्खनन करने वाले खदान संचालकों को ऐसे सिखाया सबक

Sushil Koushik | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 12, 2017, 2:41 PM IST
माइनिंग विभाग ने अवैध उत्खनन करने वाले खदान संचालकों को ऐसे सिखाया सबक
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के माइनिंग विभाग ने 23 खदान संचालकों पर 415 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई गई है.
Sushil Koushik | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 12, 2017, 2:41 PM IST
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के माइनिंग विभाग ने 23 खदान संचालकों पर 415 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई गई है.

आरोप है कि इन खदान संचालकों ने सरकारी जमीन पर अवैध उत्खनन कर पत्थर निकाले और उसकी गिट्टी बनाकर बेची थी. जनवरी से मार्च के बीच तत्कालीन कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने बिलौआ-रफादपुर में स्थित ग्रे पत्थर की खदानों का सीमांकन कराया था.

सीमांकन में खुलासा हुआ कि खदान की लीज़ लेने वाले लोग अपनी खदानों में काम बंदकर, सरकारी जमीन में ब्लास्टिंग कर पत्थर निकाल रहे थे. तब डॉ. गोयल ने डबरा के तत्कालीन एसडीएम अमनवीर सिंह को बिलौआ-रफादपुर की सभी खदान और जमीनों का सीमांकन कराने के आदेश दिए थे.

राजस्व और माइनिंग विभाग ने करीब 2 महीने तक इन क्षेत्रों में टीएसएम मशीन (टोटल स्टेशन मशीन) से सीमांकन किया. इस रिपोर्ट को डॉ. गोयल ने माइनिंग विभाग को भेजकर जुर्माने के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए थे.

टोटल स्टेशन मशीन (टीएसएम) के जरिए किए गए इस सीमांकन में लाखों घन मीटर पत्थर अवैध रूप से खनन होना पाया गया था.

जांच के बाद 23 खदान संचालकों पर 415 करोड़ की पैनल्टी लगाई गई है माइनिंग विभाग ने खदान संचालकों को नोटिस जारी किए हैं, जिसमें संचालकों को कलेक्टर न्यायालय में 14 अगस्त को होने वाली सुनवाई में पक्ष रखने का मौका मिलेगा.
First published: August 12, 2017
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