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ग्वालियर के निजी अस्पताल में कोरोना मरीज़ की मौत, परिवार ने कहा-प्लाज्मा नकली था!

पुलिस ने केस दर्ज कर संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है.. (सांकेतिक फोटो)
पुलिस ने केस दर्ज कर संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है.. (सांकेतिक फोटो)

नकली प्लाज्मा देने की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस (Police) ने मामला दर्ज कर लिया है. वहीं कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की शुरू कर दी है. जांच में नकली प्लाज्मा सप्लाई करने वाले रैकेट (Racket) का खुलासा हो सकता है.

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ग्वालियर.ग्वालियर (Gwalior) के एक निजी अस्पताल में कोविड-19 (Covid 19) मरीज को प्लाज्मा चढ़ाने के बाद उसकी मौत हो गयी. परिवार का आरोप है कि प्लाज्मा नकली है और इसके लिए अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही है. अस्पताल प्रबंधन के कहने पर ही बताए हुए व्यक्ति से प्लाज्मा खरीदा गया था और अस्पताल प्रबंधन ने बिना जांच किए प्लाज्मा चढ़ा दिया.

शक के दायरे में जयारोग्य अस्पताल का ब्लड बैंक भी आ गया है. सप्लायर ने वहां से प्लाज्मा लाने की बात कही थी. अस्पताल के नाम पर नकली प्लाज्मा तो नहीं दिया गया. इस पर अस्पताल प्रबंधन ने फौरन इस पर ध्यान देते हुए कहा- अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि उनके ब्लड बैंक से कोई प्लाज्मा जारी नहीं हुआ है. यदि इस मामले में किसी ब्लड बैंक कर्मचारी की मिलीभगत पाई जाएगी तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. कलेक्टर ग्वालियर ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश सीएमएचओ को दिए हैं.

दतिया का था मरीज़
दतिया निवासी मनोज गुप्ता को इलाज के लिए ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां 6 तारीख की शाम को उन्हें प्लाज्मा चढ़ाने की जरूरत बताई गयी. उनके परिवार से एक बोतल प्लाज्मा की व्यवस्था करने के लिए कहा गया. परिवार ने उसकी व्यवस्था की और डॉक्टरों ने वो प्लाज्मा चढ़ा दिया. 8 तारीख की शाम को फिर एक बोतल प्लाज्मा की आवश्यकता बताई गयी.लेकिन इस बार परिवार व्यवस्था नहीं कर पाया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से ही प्लाज्मा की व्यवस्था करने के लिए कहा.
अस्पताल प्रबंधन ने दिया था नंबर


अस्पताल प्रबंधन ने किसी शख्स का फोन नंबर देकर उससे संपर्क करने के लिए कहा. संबंधित व्यक्ति ने 18 हजार रुपए में प्लाज्मा का इंतज़ाम कर दिया और कहा कि वो जयारोग्य अस्पताल के ब्लड बैंक से लेकर आया है. वही प्लाज्मा मरीज़ मनोज को चढ़ाया गया. लेकिन 10 दिसंबर को मनोज की मौत हो गयी.

अस्पताल की शिकायत
मरीज की मौत के बाद उसके परिवार ने अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पुलिस में की. लेकिन गुरुवार देर रात तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई,तो परिवार ने हंगामा कर दिया, तब कहीं जाकर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की. प्लाज्मा सप्लाई करने वाले ने मृतक मरीज मनोज के परिवार को ब्लड बैंक की रसीद भी दी थी. पुलिस उसकी जांच कर रही है.

गिरोह सक्रिय होने का शक
ऐसे में अब सवाल उठ खड़े हुए हैं क्या ग्वालियर में  कोई प्लाज्मा गिरोह काम कर रहा है. ये गिरोह आसपास से आए मरीजों के परिवार को नकली प्लाज्मा उपलब्ध कराकर पैसे कमा रहा है. शक के दायरे में जयारोग्य अस्पताल का ब्लड बैंक भी आ गया है कि कहीं गिरोह के तार वहां बैठे किसी शख्स से तो नहीं जुड़े हैं. यदि इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई हुई तो हो सकता है कि बड़ा रैकेट का खुलासा हो जाए.
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