• Home
  • »
  • News
  • »
  • madhya-pradesh
  • »
  • Navratri 2021 : ग्वालियर का शीतला माता मंदिर जहां डकैत चढ़ाते थे घंटा, फिर पुलिस ने मांगी मन्नत....

Navratri 2021 : ग्वालियर का शीतला माता मंदिर जहां डकैत चढ़ाते थे घंटा, फिर पुलिस ने मांगी मन्नत....

कहते हैं ग्वालियर का ये शीतला माता का मंदिर 1669 वर्ष पुराना है.

कहते हैं ग्वालियर का ये शीतला माता का मंदिर 1669 वर्ष पुराना है.

Gwalior : जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूर घने जंगल में अति प्राचीन शीतला माता मंदिर (Sheetla Mata Temple) है. इन्हें डकैतों (Dacoit) की आराध्य देवी भी कहा जाता है. कहते हैं मंदिर 1669 वर्ष पुराना है. डकैत यहां जीवन के अभय वरदान की मन्नत मांगकर घंटा चढाते थे. पुलिस को इनका अंत करने के लिए मंनन्त मांगना पड़ी थी जो पूरी भी हुई,

  • Share this:

ग्वालियर. पूरा देश नवरात्रि (Navratri) के त्यौहार में मां दुर्गा की भक्ति में लीन है. सभी प्राचीन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, मध्यप्रदेश में भी माता के कई ऐतिहासिक और प्राचीन देवी मंदिर हैं. जिनकी अपनी-अपनी आस्था और मान्यता है, लेकिन आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां डकैत (Dacoit) अपनी  जान-माल की रक्षा के लिए शीश नवाते थे. पुलिस को उनका आतंक खत्म करने के लिए उन्हीं देवी माँ से विशेष प्रार्थना करनी पड़ी थी.

ग्वालियर का ये प्राचीन देवी माता मंदिर कभी डकैतों की आस्था का बड़ा केंद्र रहा है. इस मंदिर में डकैत पुलिस को चैलेंज देकर घंटे चढ़ाया करते थे और मां से अपने जीवन के अभय वरदान की मन्नत मांगते थे. पुलिस को इनका अंत करने के लिए बदले में मां के मंदिर में घंटा चढ़ाना पड़ता था. हम बात कर रहे हैं, ग्वालियर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर घने जंगल में बने अति प्राचीन शीतला माता मंदिर की, जिन्हें डकैतों की देवी भी कहा जाता है. कहते हैं ये मंदिर 1669 वर्ष पुराना है.

80-90 के दशक में डकैतों का आतंक
भले ही ग्वालियर चंबल अंचल में डकैतों का खात्मा हो गया हो लेकिन कभी ग्वालियर चंबल अंचल में डकैतों का अच्छा खासा आतंक था. 90 के दशक तक कई दुर्दांत डकैत पुलिस के लिए चुनौती बनते रहे. ग्वालियर चंबल अंचल की भौगोलिक स्थिति यहां के बीहड़ और घने जंगलों में डकैतों की तूती बोला करती थी. लेकिन डकैत देवी मां के बड़े भक्त थे. यह डकैत ग्वालियर के नजदीक के जंगल में  स्थित सांतऊ शीतला माता पर माथा टेकने जरूर आया करते थे. इनमें ग्वालियर चंबल के वह कुख्यात डकैत मोहर सिंह, मलखान सिंह, डाकू माधौसिंह और दयाराम रामबाबू गडरिया गैंग भी शामिल हैं जिनके नाम से ही लोग कांप जाते थे. इनका आतंक यूपी और राजस्थान तक था. ये डकैत मंदिर में शीश नवाते थे और मुराद पूरी होने पर बड़े-बड़े घंटे चढ़ाते थे.

GWALIOR SHEETLA

GWALIOR SHEETLA MATA MANDIR

शीतला मंदिर की पौराणिक कथा
बताया जाता है कि माता के पहले भक्त गजाधर मंदिर के पास ही बसे गांव सांतऊ में रहते थे. वे भिंड जिले के गोहद के पास खरौआ में एक प्राचीन देवी मंदिर में नियमित रूप से गाय के दूध से माता का अभिषेक करते थे. महंत गजाधर की भक्ति से प्रसन्न होकर देवी मां कन्या रूप में प्रकट हुईं और महंत से अपने साथ ले चलने को कहा. गजाधर ने माता से कहा कि उनके पास कोई साधन नहीं है वह उन्हें अपने साथ कैसे ले जाएं.  तब माता ने कहा कि वह जब उनका ध्यान करेंगे वह प्रकट हो जाएंगी. गजाधर ने सांतऊ पहुंचकर माता का आवाहन किया तो देवी प्रकट हो गईं और गजाधर से मंदिर बनवाने के लिए कहा. गजाधर ने माता से कहा कि वह जहां विराज जाएंगी वहीं मंदिर बना दिया जाएगा. माता सांतऊ गांव से बाहर निकल कर जंगलों में  पहाड़ी पर विराजमान गईं. तब से महंत गजाधर के वंशज इस मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं. महंत नाथूराम पांचवीं पीढ़ी के हैं. आज मां शीतला की महिमा इतनी बढ़ गई है कि नवरात्रि के दिनों में दूर-दूर से उनके भक्त  चलकर दर्शन करने पहुंचते हैं.

पुलिस ने मांगी मुराद
एंटी डकैत मूवमेंट में शामिल रहे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रिटायर्ड पुलिस अफसर अशोक भदौरिया के मुताबिक यह मंदिर डकैतों की आस्था का केंद्र था. यहां दयाराम रामबाबू गडरिया गैंग के सदस्यों ने मंदिर में घंटा चढ़ाया था. वह माता रानी से अभय वरदान लेने के लिए अक्सर मंदिर पर आता था. पुलिस को उसके खात्मे के लिए मां शीतला से विशेष विनती करनी पड़ी थी. पुलिस ने यह मुराद मांगी थी कि दयाराम रामबाबू गडरिया गैंग का खात्मा होगा तो वह डकैत से भी ज्यादा बजनी घंटा मंदिर में चढ़ाएंगी. ऐसा हुआ भी मां की कृपा से दुर्दांत डकैत रामबाबू गडरिया गैंग का पुलिस अफसर अशोक भदौरिया सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने खात्मा किया. उसके बाद खुद अशोक भदौरिया मुराद पूरी होने के बाद इस मंदिर में घंटा चढ़ाने पहुंचे. वे यह मानते हैं कि यह मंदिर डकैतों की आस्था का बड़ा केंद्र रहा है क्योंकि मंदिर के आसपास घना जंगल होने से यह क्षेत्र डकैतों की पनाहगाह रहा है. मां शीतला डकैतों की आराध्य देवी रही हैं. आज भी यह आम लोगों के साथ पुलिस की भी आस्था का बड़ा केंद्र है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज