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राजनीति और अफसरशाही की वजह से गायब हो गईं 25 पहाड़ियां, कलेक्‍टर ने कही ये बात

Sushil Koushik | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 13, 2019, 8:13 PM IST
राजनीति और अफसरशाही की वजह से गायब हो गईं 25 पहाड़ियां, कलेक्‍टर ने कही ये बात
कुछ पहाड़ियों पर भू-माफियाओं ने कब्‍जा कर लिया है.

ग्वालियर में बीते दो दशक में 25 पहाड़ियां (25 Hills) गायब हो चुकी हैं. हैरानी की बात ये है कि ज्यादातर पहाड़ियों पर कब्जा हो चुका है, तो कुछ को भू-माफियाओं (Land Mafia) ने खुदबुर्द कर दिया है. हालांकि इस वक्‍त प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है.

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ग्वालियर. बीते दो दशक में ग्‍वालियर (Gwalior)की 25 पहाड़ियां (25 Hills) गायब हो चुकी हैं. जी हां, ज्यादातर पहाड़ियों पर कब्जा हो चुका है, तो कुछ को भू-माफियाओं (Land Mafia) ने खुदबुर्द कर दिया है. शहर में प्राकृतिक असंतुलन होने के बाद अब प्रशासन इन पहाड़ियों को संवारने की कवायद में जुट गया है. जबकि पहाड़ियों पर सालों से कब्जा कर बैठे लोग आशियानों के पट्टे मांग रहे हैं. हालांकि कलेक्टर अनुराग चौधरी (Anurag Chaudhary) के मुताबिक पहाड़ियों को लेकर प्रशासन संवेदनशील है और इसे जल्‍दी मुक्‍त करवाया जाएगा.

माफियाओं ने कर लिया कब्‍जा
ग्वालियर शहर में किसी जमाने में 25 प्रमुख पहाड़ियां शुमार थीं. राजस्व और वन विभाग के अंतर्गत आने वाली ये पहाड़ियां अब गायब हो चुकी हैं. इन पहाड़ियों पर माफियाओं या बाहर से आए लोगों ने कब्जा कर लिया है, तो कई पहाड़ियों को माफियाओं ने खुदबुर्द कर दिया है.

कुछ खास पहाड़ियों का ये है हाल

पहाड़ी-1: महलगांव पहाड़ी
यह पहाड़ी हाउसिंग बोर्ड को रहवासी क्षेत्र विकसित करने के लिए दी गयी थी. इसके बाद निचले क्षेत्र में निजी कॉलोनी बसा दी गई. वर्तमान में यहां पहाड़ी को काटकर प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे हैं, लिहाजा पहाड़ी का अस्तित्व समाप्त हो गया है.

पहाड़ी-2 : मांढरे पहाड़ी
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कैंसर हॉस्पिटल एवं शोध संस्थान को यहां चिकित्सकीय कार्य और औषधीय पौधों का विकास करने के लीज दी गयी थी. पहाड़ी पर हॉस्पिटल सिर्फ एक क्षेत्र में हैं जबकि बाकी की 40 फीसदी जगह अतिक्रमण में है. मांढरे की माता के आसपास के अवैध आवासीय क्षेत्र को हटाने के लिए कई बार आदेश निर्देश हो चुके हैं, लेकिन राजनीतिक दवाब और अफसरों की लापरवाही ने अतिक्रमण को और बढ़ावा दिया है.

पहाड़ी-3: मोतीझील (कृष्णानगर-रहमत नगर)
1.कृष्णानगर: पहाड़ी पर भू-माफिया ने नोटरी के जरिये 1.50 लाख से 4 लाख रुपये तक कीमत में प्लॉट विक्रय किए हैं. हालांकि 2016 में कोर्ट के आदेश पर यहां से 250 अतिक्रमण हटाए गए थे, लेकिन बाद में राजस्व और नगर निगम के अधिकारियों द्वारा ध्यान न दिए जाने से दोबारा से अतिक्रमण हो गया है.
2. रहमतनगर: पहाड़ी पर भू-माफिया ने नोटरी के जरिये 50 हजार रुपये से 2 लाख रुपये तक कीमत में प्लॉट विक्रय किए हैं. 2016 में कोर्ट के आदेश पर यहां से 400 अतिक्रमण हटाये गए थे, लेकिन बाद में राजस्व, नगर निगम के अधिकारियों द्वारा ध्यान न दिए जाने से दोबारा से अतिक्रमण हो गया है.

पहाड़ी-4: सत्यनारायण की टेकरी
शहर के बीच मौजूद इस पहाड़ी पर 3 से 4 हजार अतिक्रमण हैं. कोर्ट इस पहाड़ पर बसाहट को अवैध घोषित कर चुका है, लेकिन राजनीतिक दखलंदाजी और नगर निगम, राजस्व के अधिकारियों में इच्छा शक्ति के अभाव ने पहाड़ी पर अतिक्रमण को लगातार बढ़ावा दिया है. वर्तमान में यह पहाड़ी नजर नहीं आती है.

पहाड़ी-5: गोल पहाड़ी
बीते दो दशक में इस पहाड़ी पर अवैध-वैध बसाहट हुई है. घर बनाने के लिए पूरी पहाड़ी काट दी गई है. इस वक्‍त यहां लगभग 5 हजार मकान बने हैं और पहाड़ी का अस्तित्व खत्म हो गया है.

बरसों से रह रहे हैं साहब अब तो आशियाना बनाने का पट्टा दे दो
शहर की इन 25 पहाड़ियों पर करीब डेढ़ लाख से ज्यादा लोग कब्जा कर बैठे हैं और ये आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि बरसों पहले पहाड़ियों पर आकर कब्जा किया है. अब सरकार से गुजारिश है यहीं पट्टा देकर बसाया जाए. सिरोल पहाड़िया पर रहने वाले अशोक गोस्वामी का कहना है कि अब तो सरकार हमारी सुन ले, बेदखल करने की बजाए हमें आशियाना बनाकर देना चाहिए. जबकि सिद्धबाबा पहाड़ी पर रहने वाली उमा निवारे और गीता बाई ने कहा कि बीस-पच्चीस साल से पहाड़ियों पर रह रहे हैं, लेकिन प्रशासन की टीम कभी भी आकर बेदखल कर देती है. हम लोगों का स्थाई समाधान होना चाहिए.

कलेक्टर ने कही ये बात
पहाड़ियों के अतिक्रमण की चपेट आने के बाद जिला प्रशासन में भी हड़कंप मचा है. कलेक्टर अनुराग चौधरी के मुताबिक पहाड़ियों को लेकर प्रशासन संवेदनशील है. प्रशासन की टीम सिरोल पहाड़ी, रक्कास पहाड़ी और जौरासी की पहाड़ियों को अतिक्रमण मुक्त करवा चुकी है. जल्द ही अन्य पहाड़ियों को भी अतिक्रमण मुक्त कर हराभरा किया जाएगा.

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First published: November 13, 2019, 8:08 PM IST
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