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न्यूज18 की ग्राउण्ड रिपोर्टः शिवराज के भरोसे के बाद भी मुसीबत में अन्नदाता

मंदसौर में पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों के साथ शिवराज File Photo
मंदसौर में पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों के साथ शिवराज File Photo

मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन और शिवराज के उपवास खत्म होने के बाद भी अन्नदाताओं की समस्या खत्म होती नहीं दिख रही है.

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मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन और शिवराज के उपवास खत्म होने के बाद भी अन्नदाताओं की समस्या खत्म होती नहीं दिख रही है. मुख्यमंत्री के ऐलान के बावजूद राज्य की कई मंडियों में समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं होने की वजह से किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है.

राज्य के ग्वालियर में किसानों ने सोमवार को नारायण विहार गल्ला मंडी में प्रदर्शन किया. समर्थन मूल्य पर खरीदारी नहीं होने की वजह से किसानों में काफी आक्रोश नजर आ रहा है. किसानों के तेवर को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के आला अफसर के अफसर मंडी पहुंच गए है.

राज्य के विंध्य क्षेत्र में भी किसानों में सरकार को लेकर भारी नाराजगी है. यहां प्रदेश में प्याज उत्पादन में तीसरे पायदान पर रहने वाले सतना जिले में समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं हुआ है. प्रदेश के 22 जिलों में आठ रुपए प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीद की जा रही है. मजबूरन किसान तीन से चार रुपए किलो प्याज बेचने को मजबूर है.



राजधानी भोपाल से सटे हरदा में भी मूंग खरीदी को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ. सीएम शिवराज की घोषणा के बाद भी हरदा मंडी में समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद शुरू नहीं हो सकी. मंडी प्रशासन ने लिखित में आदेश नहीं होने का हवाला देकर मूंग की खरीद शुरू नहीं की.

किसान आंदोलन से झुलस रहे मध्यप्रदेश में पिछले सप्ताह बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कृषि कैबिनेट की बैठक हुई थी.

-बैठक में किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य देने के लिए कृषि लागत और विपणन आयोग और ऋण समाधान योजना बनाने का फैसला किया गया था.
-बैठक में तय किया गया है कि तुअर और ग्रीष्मकालीन उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी 10 जून से शुरू हो जाएगी, गर्मी की मूंग की खरीदी भी समर्थन मूल्य 5,225 रुपये क्विंटल पर 10 जून से की जाएगी.
-किसानों के लिए उपज की लागत निकाल कर लाभकारी मूल्य देने के लिए मध्य प्रदेश कृषि लागत और विपणन आयोग बनाने का निर्णय लिया गया था.
-सरकार की ओर से आठ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 22 जिलों के 48 खरीदी केन्द्रों पर प्याज खरीदी जा रही है.
-मुख्यमंत्री ने 1000 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हो रहे मूल्य स्थिरीकरण कोष की स्थापना के आदेश तत्काल जारी करने के निर्देश दिए थे.
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