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चंबल की आयरन गर्ल निहारिका पर जो कल तक मारते थे ताने, अब कह रहे हैं-बेटी हो तो ऐसी

इंग्लैंड के लंदन में हुई कॉमनवेल्थ कराते चेम्पियनशिप में ग्वालियर की निहारिका कौरव ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है.

इंग्लैंड के लंदन में हुई कॉमनवेल्थ कराते चेम्पियनशिप में ग्वालियर की निहारिका कौरव ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है.

Sports News. खुद की हिफाज़त के मकसद से कराते सीखने वाली निहारिका साल 2011 से MP कराते चैंपियन हैं. 23 साल की निहारिका अप ...अधिक पढ़ें

ग्वालियर. कराते की दुनिया में आयरन गर्ल के नाम से पहचानी जाने वाली ग्वालियर की निहारिका कौरव ने कॉमनवेल्थ कराते चेम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत लिया है. लंदन में आयोजित चेम्पियनशिप में निहारिका ने दुनिया की बेहतरीन करातेबाज़ों को पीछे छोड़ते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता. ग्वालियर लौटने पर लोगों ने निहारिका का जोरदार स्वागत किया. वो अब तक इंडोनेशिया, इजिप्ट, इंग्लैंड, टर्की सहित अन्य देशों में 9 इंटरनेशनल स्पर्धाओं में खेल कर भारत के लिए 5 गोल्ड सहित 6 मेडल जीत चुकी हैं.

बेटी के स्वागत में उमड़े लोग
इंग्लैंड के लंदन में हुई कॉमनवेल्थ कराते चेम्पियनशिप में ग्वालियर की निहारिका कौरव ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है. निहारिका ने इंग्लैंड के बाद टर्की में आयोजित वर्ल्ड सीरीज में भी भाग लिया. इसमें भी निहारिका ने बेहतर परफॉर्म किया. बुधवार को लंदन से ग्वालियर लौटने पर निहारिका का जोरदार स्वागत किया गया. रेलवे स्टेशन पर खेलप्रेमियों ने निहारिका को गदा भेंट किया और फूलमालाओं से लाद दिया. मीडिया से बात करते हुए निहारिका ने कहा वो अब एशियन चेम्पियनशिप के लिए तैयारी में जुट जाएंगी. निहारिका का कहना है नवंबर में होने वाली ऐशियन चेम्पियनशिप में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना उसका सपना है.

हिफाज़त के लिए सीखा कराते
खुद की हिफाज़त के मकसद से कराते सीखने वाली निहारिका साल 2011 से MP कराते चैंपियन हैं. 23 साल की निहारिका अपनी उम्र से 10 गुना मेडल जीत चुकी हैं. अब तक इंडोनेशिया, इजिप्ट, इंग्लैंड, टर्की सहित अन्य देशों में 9 इंटरनेशनल स्पर्धाओं में खेल चुकी निहारिका भारत के लिए 5 गोल्ड सहित 6 मेडल जीत चुकी हैं.  इंटनेशनल लेवल तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत के साथ ही वो समाज के तानों उलाहनों का भी सामना करना पड़ा. लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और आखिर में भारत के लिए 5 गोल्ड मेडल जीतकर अपनी काबिलियत साबित कर दी. जो लोग कल ताना देते थे वो आज अपनी बेटियों को निहारिका की तरह बनने की सलाह देते हैं. निहारिका अब ग्वालियर की आयरन गर्ल के नाम से मशहूर हो गई है." isDesktop="true" id="4666693" >

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समाज के तानों से लेकर सम्मान तक
निहारिका के पिता रामवीर कौरव भिंड जिले में क्लिनिक चलाते हैं. मां मीनल कौरव सरकारी शिक्षक हैं. निहारिका अब तक BA के साथ ही B. Ped की डिग्री हासिल कर चुकी हैं. अभी वो देश के लिए मेडल जीतकर दुनियाभर में तिरंगे का मान बढ़ाना चाहती हैं. आगे वो बच्चों को तैयार कर भारत के लिए खेलने में मदद करेंगी. निहारिका को इंटनेशनल करातेबाज़ बनने के लिए खेल के साथ ही सामाजिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ा. उनका परिवार भिंड जिले के एक छोटे से गांव का रहने वाला है. जवानी की दहलीज पर आते ही लड़कियों की शादी कर दी जाती है. जब निहारिका 20 साल की हो गई तो समाज के लोग उनके परिवार को शादी करने की सलाह देने लगे. जब वो खेलने बाहर जाती थीं तो लोग ताने देते थे. जब निहारिका ने विदेशों में खेलकर गोल्ड मेडल जीतना शुरू किए तो वही लोग तारीफ करने लगे. अब अपनी बेटियों को निहारिका की तरह बनने के लिए कहते हैं. निहारिका की मां को भी समाज के ताने सहना पड़ते थे. लेकिन मां ने समाज की परवाह को दरकिनार कर बेटी को खेलने के लिए आजादी और भरपूर सहयोग दिया. आज वो भी खुश हैं कि बेटी ने दुनिया में नाम रोशन किया.

Tags: Gwalior news, Madhya pradesh latest news

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