1200 KM स्‍कूटर चलाकर पत्‍नी को परीक्षा दिलाने गए थे धनंजय, अब दंपति की होगी फ्लाइट से वापसी
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1200 KM स्‍कूटर चलाकर पत्‍नी को परीक्षा दिलाने गए थे धनंजय, अब दंपति की होगी फ्लाइट से वापसी
धनंजय ने प्रशासन का धन्यवाद देते हुए कहा कि जिलाधिकारी ने उनकी काफी मदद की है.

धनंजय मांझी ने बताया कि अडानी ग्रुप (Adani Group) ने उनकी मदद की है. कॉर्पोरेट ग्रुप ने अब घर वापस जाने के लिए उन्हें और उनकी पत्‍नी को फ्लाइट का टिकट मुहैया कराया है.

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  • Last Updated: September 7, 2020, 12:32 PM IST
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ग्वालियर. परीक्षा देने के लिए एक दंपति झारखंड (Jharkhand) से ग्वालियर स्‍कूटर से पहुंचा था. इसके लिए पति-पत्‍नी को कई घंटों का सफर करना पड़ा. इस दौरान रास्ते में काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन दोनों ने हिम्मत नहीं हारी. आखिरकार दोनों ने ग्वालियर पहुंचकर ही दम लिया. इस खबर की चर्चा पूरे शहर में हो रही है. जैसे ही लोगों को दंपति के बारे में जानकारी मिली तो मदद करने के लिए भी कई लोग आगे आने लगे. अब एक कॉर्पोरेट समूह द्वारा दंपति को रिटर्न एयर टिकट दिया गया है. एयर टिकट मिलने के बाद पति धनंजय मांझी ने कहा कि वह कभी भी प्‍लेन में नहीं चढ़े हैं. सह उनके लिए काफी खुशी की बात है. साथ ही धनंजय ने टिकट देने वाले अडानी ग्रुप को धन्यवाद दिया है. बता दें कि धनंजय तकरीबन 1200 किलोमीटर स्‍कूटर चलाकर पत्‍नी को परीक्षा दिलाने झारखंड से ग्‍वालियर पहुंचे थे.



प्रेग्‍नेंट हैं धनंजय मांझी की पत्‍नी
जानकारी के मुताबिक, धनंजय मांझी की पत्नी सोनी हेम्बरम की ग्वालियर में परीक्षा है. मांझी की पत्नी 6 माह की गर्भवती भी हैं. ऐसे में कोरोना वायरस की वजह से स्कूटर से ग्वालियर जाना उन्होंने उचित समझा. इसके लिए दंपति परीक्षा से कई दिन पहले ही ग्वालियर के लिए रवाना हो गए थे. ग्वालियर पहुंचने के बाद धनंजय ने 10 दिनों के लिए 1500 रुपए में एक कमरा लिया और रहने लगे. लेकिन जैसे ही इस दंपति के जज्बे की जानकारी जिला प्रशासन को लगी तो वे भी मदद के लिए आगे आए. मीडिया से बात करते हुए धनंजय ने बताया कि अडानी ग्रुप ने उनकी मदद की है. अडानी ग्रुप ने अब घर वापस जाने के लिए उन्हें फ्लाइट की टिकट मुहैया कराई है.



परीक्षा केन्द्र के पास ही रहने की व्यवस्था
धनंजय ने प्रशासन का धन्यवाद देते हुए कहा कि जिलाधिकारी ने उनकी काफी मदद की है. साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी ने परीक्षा केन्द्र के पास ही रहने की व्यवस्था कर दी. उन्‍हें 5000 रुपए की आर्थिक मदद भी दी गई. साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया है कि परीक्षा खत्म होने के बाद उनके झारखंड तक वापस पहुंचने की व्यवस्था भी प्रशासन करेगा.
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