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पति ने छोड़ा, आर्थिक तंगी में मां और 7 साल के बेटे की मौत, 6 महीने से तनख्वाह नहीं दे रहा नगर निगम

आर्थिक समस्याओं के चलते महिला की मां और उसके सात साल के मासूम बेटे ने दम तोड़ दिया.

आर्थिक समस्याओं के चलते महिला की मां और उसके सात साल के मासूम बेटे ने दम तोड़ दिया.

Careless Administration. ग्वालियर की रहने वाली निर्मला धौलपुरिया वेतन के लिए दर-दर भटक रही है. कभी जोनल दफ्तर तो कभी नग ...अधिक पढ़ें

ग्वालियर. ग्वालियर में नगर निगम की एक महिला सफाई कर्मी खून के आंसू रो रही है. उसे पति ने छोड़ दिया है. 6 महीने से नगर निगम ने उसे वेतन नहीं दिया है. हालात इतने खराब हैं कि आर्थिक तंगी के कारण पहले उसकी मां की मौत हो गयी. फिर 7 साल का बेटा बीमार हो गया. इलाज के लिए पैसे न होने के कारण बेटा भी नहीं रहा. हालातों से जूझ रही महिला सफाईकर्मी ने अफसरों से लेकर मंत्री तक से गुहार लगाई, लेकिन नगर निगम का दिल नहीं पसीज रहा.

ग्वालियर की रहने वाली निर्मला धौलपुरिया वेतन के लिए दर-दर भटक रही है. कभी जोनल दफ्तर तो कभी नगर निगम के चक्कर लगा रही है. शिंदे की छावनी में रहने वाली निर्मला ग्वालियर नगर निगम में दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारी है. करीब 6 महीने पहले उसे नौकरी मिली थी. उस दौरान निर्मला को कागजी कार्रवाई पूरा होने के बाद वेतन देने का भरोसा दिया गया था. निर्मला लगातार काम कर रही थी, लेकिन नगर निगम के अफसरों की लापरवाही के चलते उसे एक महीने का भी वेतन ही नहीं मिल पाया.

पहले मां और फिर बेटा चल बसा 
छह साल पहले निर्मला के पति ने उसे छोड़ दिया था, वो अपनी मां और 7 साल के बेटे के साथ रह रही थी. पहले वो लोगों के घरों में काम कर अपना गुजारा कर रही थी, लेकिन छह महीने पहले उसे दैनिक वेतनभोगी की नौकरी मिली. निर्मला काम करती रही लेकिन वेतन नहीं मिला. इस बीच उसे आर्थिक तंगहाली ने घेर लिया. वक्त पर खाना नहीं मिलने से 7 साल का बेटा बीमार रहने लगा. बुजर्ग मां भी बीमार थी. 3 महीने पहले निर्मला की मां की बीमारी के चलते मौत हो गई. मां के गम से उबरने से पहले ही 7 साल के बेटे को कमलाराजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां 14 अक्टूबर को बेटे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.

नगर निगम के अफसर सिर्फ दिलासा दे रहे हैं
इकलौते सहारे की मौत से निर्मला टूट गई है. लेकिन नगर निगम के संवेदनहीन अफसरों की नींद अभी भी नहीं टूटी है. निर्मला ने प्रदेश के स्थापना दिवस कार्यक्रम में अफसरों और मंत्री से गुहार लगाई, नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल का कहना है महिला स्वच्छता अभियान के तहत सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रही थी. महिला का कहना है कि उसे छह महीने से वेतन नहीं मिला है. हम इसकी जांच करा रहे हैं. जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर एक्शन लेंगे.

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