हरदा जिले में नर्मदा का रौद्र रूप, श्मशान घाट में दिखी मजबूरियों की भावुक तस्वीर, देखें Video

हरदा जिले में नर्मदा नदी के किनारे बसे हर गांव की हालत खराब है.

नेमावर (Nemawar) का श्मशान घाट नर्मदा के पानी से घिरा हुआ है. यहां लोग शवों के दाह संस्कार करने में भी नाकाम दिख रहे हैं. हंडिया गांव में कमर तक के पानी में घुसकर लोग भगवान की पूजा कर रहे हैं.

  • Share this:
हरदा. हरदा जिले (Harda District) में आसमान से बरस रही आफत की बारिश भले ही थम गई हो, लेकिन बारिश से आमजन को हुई मुसीबत और मजबूरी की तस्वीरें अब सामने आ रही हैं. नर्मदा (Narmada) किनारे बसा एक गांव है नेमावर. यहां नर्मदा तट पर ही श्मशान घाट है. यहां का एक वीडियो सामने आया है. यहां नर्मदा अपने पूरे उफान पर है. खतरे के आखिरी निशान को भी वह पार कर चुकी है. नर्मदा का पानी चारों ओर तबाही मचा रहा है. नर्मदा के पानी ने श्मशान घाट को चारों ओर से घेर रखा है. पानी से घिरे इसी श्मशान घाट में ग्रामीण दाह संस्कार कर रहे हैं. बारिश और नर्मदा का पानी दोनों ही इस काम में बाधक बन रहे हैं. शव के दाह संस्कार के लिए ग्रामीणों को मशक्कत करना पड़ रहा है.

दूसरा वीडियो नर्मदा के दूसरे किनारे पर बसे हंडिया का है. इस गांव में भी नर्मदा नदी का पानी भर गया है. गांव के गणेश मंदिर में कमर तक पानी भरा हुआ है. ऐसी हालत में भी युवा गणेश जी की पूजा कर रहे हैं. ग्रामीण भगवान गणेश को मनाकर उनसे बारिश बंद कराने और नर्मदा को शांत करने की प्रार्थना कर रहे हैं.



नर्मदा के किनारे बसे सभी गांवों की हालत खराब

हरदा जिले में बीते दो दिनों से जारी बारिश से सभी नदियां उफान पर थीं. प्रशासन ने करीब 5 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. नर्मदा नदी 1993 के बाद अपने उच्चतम स्तर को पारकर 275 मीटर तक पहुंची. जिले में नर्मदा किनारे बसे गांवो में हालात बहुत ज्यादा खराब हैं. लगातार बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा बीते 30 सालों के अपने विकराल रूप में है. नर्मदा के उफान पर होने से गोला, छीपानेर, गोन्दा गांव, गंगेश्वरी, शमशाबाद, हंडिया और गोयत सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. वहीं, सैंकड़ों घर जलमग्न हो गए हैं. हंडिया में नेशनल हाइवे पर बना पुल शनिवार से ही अभी तक बन्द है. नर्मदा में पानी ज्यादा होने से पुलिस विभाग ने पुल से भारी आवागमन बन्द कर रखा है, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतार लगी हुई है.

सीएम ने की पीएम से बात

मध्य प्रदेश में बाढ़ के हालात को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से बात की है. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि पानी से घिरे स्थानों पर रहने की जिद न करते हुए प्रशासन जब निकलने का कहे तो सावधानी रखते हुए तुरंत अन्य स्थान पर या राहत शिविर में शिफ्ट होने में सहयोग करें. बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं. कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी. मुख्यमंत्री ने स्वैच्छिक संगठनों से भी आग्रह किया है कि सहयोग का हाथ बढ़ाएं. बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन वस्त्र और अन्य सहायता प्रदान करने में सहयोग करें. कच्चे मकानों में रहने वालों को मकान खाली करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कटनी, शाजापुर और देवास में ऐसी घटनाओं से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता दी गई है. ऐसे कच्चे मकान जो खतरनाक सिद्ध हो सकते हैं और भारी बारिश नहीं सह पाते, उन्हें खाली किया जाना ही उचित है. प्रशासन ऐसी घटनाओं पर तत्काल राहत की कार्यवाही भी कर रहा है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.