हरदा में भावान्तर योजना में पंजीयन नहीं होने से किसान परेशान

भावांतर भुगतान योजना Photo: Etv/News18
भावांतर भुगतान योजना Photo: Etv/News18

हरदा जिले में इस वर्ष 75 हजार हेक्टेयर में चना और 1 लाख हेक्टेयर ज़मीन में गेहूं का उत्पादन हो रहा है. जिले की कृषि उपज मंडियों में 20 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी और भावान्तर योजना में चने और अन्य फसलों की खरीदी की जाएगी.

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हरदा जिले में भावान्तर योजना में पंजीयन नहीं होने से किसान परेशान है. जिले में सहकारी समितियों की हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है. हड़ताल के कारण गावों में चने और गेहूं खरीदी के पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं.

हरदा जिले में इस वर्ष 75 हजार हेक्टेयर में चना और 1 लाख हेक्टेयर ज़मीन में गेहूं का उत्पादन हो रहा है. जिले की कृषि उपज मंडियों में  20 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी और भावान्तर योजना में चने और अन्य फसलों की खरीदी की जाएगी. उपज बेचने के लिए किसानों के पंजीयन किये जा रहे हैं, लेकिन सहकारी समितियों की हड़ताल के चलते 89 पंजीयन केंद्र बंद होने से चार केंद्र हरदा, खिरकिया, टिमरनी और सिराली मंडी में बनाये गए हैं. इन केन्द्रों पर जिले के 54 हजार किसानों का पंजीयन किया जा रहा है.

केंद्र कम होने से किसानों के रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहे है. किसानों का कहना है कि केन्द्रों पर इंटरनेट की स्पीड नहीं होने से रजिस्ट्रेशन का कार्य धीमी गति से हो रहा है. जिले की कृषि अधिकारी अपर्णा वर्मा ने बताया की भावान्तर योजना में पंजीयन का कार्य चल रहा है. सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल के कारण रजिस्ट्रेशन के काम पर असर पड़ा है.
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