गणेश प्रतिमा विसर्जन के इस तरीके से प्रदूषित होने से बची नर्मदा

हरदा नगर पालिका (Harda Municipal corporation) की पहल से नदी जल को प्रदूषित होने से बचाया गया.

Praveen Singh Tanwar
Updated: September 12, 2019, 6:40 PM IST
गणेश प्रतिमा विसर्जन के इस तरीके से प्रदूषित होने से बची नर्मदा
गणपति विसर्जन की प्रतीकात्मक तस्वीर.
Praveen Singh Tanwar
Updated: September 12, 2019, 6:40 PM IST
हरदा. केमिकल रंगों या पीओपी (PoP) से बनी प्रतिमाओं के विसर्जन से हर साल नदियों का पानी प्रदूषित हो जाता है. इससे सीख लेते हुए मध्य प्रदेश के हरदा में इस बार गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए जो तरीका अपनाया गया, उसकी स्थानीय लोग काफी तारीफ कर रहे हैं. दरअसल, हरदा नगर पालिका ने अजनाल नदी को प्रदूषण (Pollution) से बचाने के लिए इस बार भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अनोखी पहल की. नगर पालिका ने नदी से सटे इलाके में एक कुंड बनाकर प्रदूषण की समस्या से निजात पाने का तरीका ढूंढ निकाला.

प्रतिमा विसर्जन के लिए बनवाया कुंड
हरदा नगर पालिका ने नर्मदा और अजनाल नदी के जल को प्रदूषण से बचाने के लिए यह पहल की. नगर पालिका ने अजनाल नदी के किनारे 30 फीट लंबा और 40 फीट चौड़ा कुंड बनवाया. श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए इस कुंड में पाइपलाइन के जरिये नर्मदा का जल लाया गया. इसके बाद आम लोगों से पालिका प्रशासन ने अपील की कि अनंत चतुर्दशी के मौके पर विसर्जित होने वाली गणेश प्रतिमाओं को इस कुंड में विसर्जन के लिए लाया जाए.

अपील का हुआ असर

प्रशासन की इस अपील का असर हुआ. गुरुवार को अनंत चतुर्दशी के मौके पर हरदा में सुबह से बारिश हो रही थी. जैसे ही बारिश थीम, बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने कुंड पर पहुंचे. देखते ही देखते कुंड में 300 से ज्यादा छोटी-बड़ी मूर्तियों का विसर्जन हो गया. प्रशासन के बनवाए कुंड पर प्रतिमा विसर्जन करने आए श्रद्धालु चंद्रशेखर ने कहा कि वे बीते वर्ष की तरह कुंड में गणेश प्रतिमा विसर्जित करेंगे. नदियों के जल को बचाने के लिए यह सराहनीय कार्य है.

प्रदूषित होती थीं नदियां
पिछले साल तक गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए श्रद्धालु नदियों में ही जाया करते थे. नर्मदा और अजनाल नदियों में बड़ी संख्या में प्रतिमा विसर्जन से नदी का जल प्रदूषित हो जाता था. पीओपी से बनी प्रतिमाएं पानी में घुल नहीं पाती थीं. प्रतिमाओं में इस्तेमाल किए गए केमिकल से नदी जल प्रदूषित हो जाता था. लेकिन इस बार यह समस्या नहीं आई. नगर पालिका के सीएमओ जीएस यादव ने बताया कि श्रद्धालुओं की भावना को ठेस न पहुंचे, इसलिए कुंड में नर्मदा जल भरा गया. कुंड में नगर पालिका के कर्मियों की मदद से प्रतिमाओं को गहराई तक ले जाया जाता है, जिससे दुर्घटना होने की आशंका नहीं रहती है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए हरदा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 12, 2019, 6:40 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...