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हरदा के सुनहरे गेहूं से बना मैदा विदेश चला, इससे बनता है पास्ता, नूडल्स और बिस्किट

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत हरदा के मैदे के प्रमोशन मिला है.

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत हरदा के मैदे के प्रमोशन मिला है.

Harda. हरदा में होने वाले सुनहरे गेहूं का दलिया, मैदा, सूजी, नूडल्स, पास्ता, ब्रेड सहित सभी बेकरी प्रोडक्ट बनाने में उपयोग होता है.

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हरदा. हरदा जि़ले का गेहूं (Wheat) देश विदेश में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है. यहां के सुनहरे गेहूं से मैदा बनाया जाता है. इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर बेकरी प्रोडक्ट तैयार करने में किया जाता है. यहां बने मैदे की देश सहित विदेश में अच्छी खासी डिमांड है. इसलिए अब इसे दुबई सहित यूएई के लिए एक्सपोर्ट ( Export) करने की तैयारी है. इसकी पहली खेप रवाना की जा चुकी है.

मप्र सरकार की योजना के कारण हरदा जिले को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी. हरदा जिले के सुनहरे गेंहू से बना मैदा अब दुबई सहित मिडिल ईस्ट देशों के बाजार में बिकेगा. सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत यहां के गेहूं और उससे बने उत्पादों का चयन किया गया था. निर्यात के लिए जिला प्रशासन ने महा प्रबंधक विदेश व्यापार से सम्पर्क किया था. उसके बाद गेहूं से बना मैदा एक्सपोर्ट होने की राह आसान हुई. हरदा के गेहूं का उपयोग विशेषकर बेकरी प्रोडक्ट बनाने में होता है. यही कारण था कि इसकी मांग हमेशा राष्ट्रीय बाजार में बनी रहती है. जिले से कमल किशोर फ्लोर मिल का 48 टन मेदा मिडिल ईस्ट देशों के लिए रवाना किया गया है.

पास्ता, नूडल्स और बिस्किट
मप्र में सीहोर के बाद हरदा जिले का गेहूं इंटरनेशनल मार्केट में धूम मचाएगा. सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना में चयनित हुआ हरदा के कठिया (ड्यूरम ) गेहूं से बनने वाले उत्पाद अब विदेशी बाजार में बिकेंगे. इस गेहूं की विशेषता है कि यह बेकरी प्रोडक्ट, पास्ता, नूडल्स, मैदा बनाने में उपयोग होता है. विदेशो में इन प्रोडक्ट्स की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार के चीफ सेकेट्री की अध्यक्षता में बनी राज्य स्तरीय कमेटी ने हरदा के गेहूं की सिफारिश की थी.
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट


वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर पैदा करना है. साथ ही हर जिले के एक उत्पाद को पहचान दिलाकर उसे निर्यात के लिए बाजार उपलब्ध भी कराना है. हरदा कलेक्टर ने जिले के लघु और मध्यम उद्योग के संचालको की बैठक लेकर उन्हें योजना की जानकारी दी थी. हरदा प्रशासन ने हरदा के कमल किशोर फ्लोर मिल के संचालको का सम्पर्क भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की संस्था एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण ) से करवाया. उसके बाद ये बात आगे बढ़ी.मैदा निर्यातक व्यापारी नितिन अग्रवाल ने बताया कि बाजार की उपलब्धता और भुगतान की गारंटी के बाद हरदा से मैदा की पहली खेप मिडिल ईस्ट के देशों के लिए रवाना की गयी.

ब्रांडेड कंपनी में डिमांड
हरदा के सुनहरे कठिया गेहूं में प्रोटीन और मिनरल्स उचित मात्रा में होने के कारण कई ब्रांडेड बड़ी कंपनी बिस्किट बनाने में इसका उपयोग करती हैं. इस गेहूं का दलिया, मैदा, सूजी, नूडल्स, पास्ता, ब्रेड सहित सभी बेकरी प्रोडक्ट बनाने में उपयोग होता है. इसके अलावा यह अल्कोहल डिस्टलरी में उपयोग किया जाता है.

प्रदेश का मिनी पंजाब है हरदा
अच्छी उर्वरा मिटटी, वैज्ञानिक खेती और बेहतर सिंचाई साधनों की बदौलत हरदा जिला गेहूं उत्पादन में प्रदेश में आगे रहता है. यही कारण है कि हरदा को मप्र का मिनी पंजाब कहा जाता है. इस वर्ष भी हरदा जिले में 1 लाख 40 हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की गयी थी. जिसमें 7 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन की संभावना है.
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