लाइव टीवी

मानसून परिवर्तन से निपटने के लिए कृषि विभाग ने अपनाया यह तरीका
Harda News in Hindi

Praveen Singh Tanwar | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: October 30, 2017, 4:14 PM IST
मानसून परिवर्तन से निपटने के लिए कृषि विभाग ने अपनाया यह तरीका
हरदा जिले में कम वर्षा और लगातार तापमान में हो रहे बदलाव को देखते हुए कृषि विभाग ने एक नया प्रयोग किया है.

हरदा जिले में कम वर्षा और लगातार तापमान में हो रहे बदलाव को देखते हुए कृषि विभाग ने एक नया प्रयोग किया है.

  • Share this:
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में कम वर्षा और लगातार तापमान में हो रहे बदलाव को देखते हुए कृषि विभाग ने एक नया प्रयोग किया है. कृषि विभाग किसानो को थर्मो-सेन्सेटिव (तापमान सहनशीलता) के चना बीज बोवनी के लिए दे रहा है.

विशेष किस्म के यह बीज कम पानी और ज्यादा तापमान में भी उत्पादन देंगे. चने की जीजे 63-14 नाम की किस्म के बीजो में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी जयादा है. पूरे प्रदेश में पहली बार हरदा जिले में यह प्रयोग किया जा रहा है.

दरअसल, जिले में तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव से चने के बीज सड़ने और रोग लगने की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग किसानों को चार नई किस्मों के बीज वितरित कर रहा है. इन बीजों की बुआई से किसानों को 20 किवंटल प्रति हेक्टेयर चना उत्पादन मिलेगा. चने की बोवनी के लिए 25 डिग्री तापमान बेहतर होता है पर जिले में अभी 32 डिग्री तापमान होने से चने की बोवनी बिगड़ सकती है. इसलिए विभाग द्वारा चने की विशेष किस्म का बीज मंगवाया गया है. बीज की बुआई के बाद सिर्फ एक सिंचाई की जरुरत होगी और 90 दिनों में उत्पादन मिल जाएगा.



पिछले साल 41 हजार हेक्टेयर में चना बोया गया था. इस साल कम बारिश के कारण चने का रकबा बढ़कर 95 हजार हेक्टयर हो गया है. बीज लेने आए एक किसान ने कहा कि ज्यादा उत्पादन के बाद सरकार किसानों से उपज भी खरीदे.



कृषि विभाग के पास अभी 16 किवंटल चने का बीज राष्ट्रीय बीज निगम से आया है. कृषि अधिकारियों ने कहा कि ज्यादा तापमान में चने का बीज जमीन के अंदर सड़ जाता है. विशेष किस्म के यह बीज अधिक तापमान में भी बेहतर उत्पादन देगा और जिले में किसानों को प्रति हेक्टेयर 60 किलो चना बीज दिया जा रहा है.
First published: October 30, 2017, 4:14 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading