फर्जी पत्र के सहारे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचाने वाला आरोपी पुलिस के हत्‍थे चढ़ा, इस बात से था नाराज
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फर्जी पत्र के सहारे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचाने वाला आरोपी पुलिस के हत्‍थे चढ़ा, इस बात से था नाराज
पत्नी का अटैचमेंट दूसरे स्कूल करने से नाराज था आरोपी.

लोक शिक्षण संचनालय कार्यालय (Public Education Directorate Office) का फर्जी पत्र जारी करने वाले मास्टरमाइंड आरोपी रामदेव सैनी (Ramdev Saini) को हरदा पुलिस (Harda Police) ने गिरफ्तार किया है. आरोपी अपनी पत्‍नी के दूसरे स्‍कूल में अटैचमेंट से नाराज था.

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हरदा. मध्‍य प्रदेश के हरदा जिले (Harda District) में लोक शिक्षण संचनालय कार्यालय (Public Education Directorate Office) का फर्जी पत्र जारी करने वाले मास्टरमाइंड आरोपी रामदेव सैनी (Ramdev Saini) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. हरदा थाना पुलिस ने भोपाल जीपीओ से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को टिमरनी से गिरफ्तार किया है. मामले में लोक शिक्षण संचालक गौतम सिंह (Gautam Singh) के निर्देश 19 नवंबर को हरदा थाने में डीईओ ने अज्ञात व्यक्ति पर मामला दर्ज कराया था. आरोपी ने अपनी पत्नी का अटैचमेंट गांव में करने से नाराज होकर यह फर्जी आदेश पत्र जारी किया था. आरोपी ने इस फर्जी पत्र में लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत के नाम पद और हस्ताक्षर का उपयोग किया था.

सैनी की वजह से शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
जिले शिक्षा विभाग में हड़कंप मचाने वाले फर्जी पत्र के मास्टरमाइंड आरोपी रामदेव सैनी को हरदा थाना पुलिस ने ग्राम सोताडा में खेत पर बने मकान से गिरफ्तार किया. 52 वर्षीय आरोपी रामदेव सैनी ने विगत 7 नवंबर को लोक शिक्षण संचनालय भोपाल कार्यालय के नाम से फर्जी आदेश पत्र रॉयल मार्केट, हमीदिया रोड, जीपीओ से स्पीड पोस्ट किया था. फर्जी पत्र सभी कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और सभी डीईओ को जारी किया गया था. हरदा जिले में पत्र मिलने के बाद आदेश की पुष्टि के लिए लोक शिक्षण संचानालय से पूछा गया था, जंहा से इस तरह के किसी भी आदेश पत्र नहीं भेजने की बात कही गयी थी और फिर जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद आरोपी की पहचान कर उसे आज गिरफ्तार किया गया.

यह था पूरा मामला
हरदा जिले के शिक्षा विभाग में आए एक पत्र से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. भोपाल लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत के नाम से जारी हुए इस पत्र में उनकी शासकीय सील भी लगी हुई है. पत्र में हरदा जिले के डीपीसी द्वारा पद का दुरुपयोग कर महिला शिक्षकों को शैक्षणिक व्यवस्था के नाम पर अन्य यंत्र शालाओं में पदस्थ कर मानसिक रूप से परेशान किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है. इस संदर्भ में स्पष्ट किया जाता है कि राज्य शासन ने सभी प्रकार के अटैचमेंट समाप्त कर दिए हैं. साथ ही यह लिखा गया है कि शैक्षणिक व्यवस्था के नाम पर या अन्य प्रकार से महिला शिक्षकों को अध्यापन कार्य के लिए बाहरी शालाओं में नहीं भेजा जा सकता. यह कार्य पुरुष शिक्षक से संपन्न कराया जा सकता है. बगैर नियम व बगैर राज्य सरकार के जिलास्तर पर भी आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए. पुरुष शिक्षक की अपेक्षा महिला शिक्षक की प्रकृति अलग होती है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में महिला शिक्षकों को शाला में शाम 4:30 बजे के बाद नहीं रोका जाए. अज्ञात व्यक्ति द्वारा यह पत्र सभी कलेक्टरों, सभी जिला पंचायत सीईओ और सभी जिला शिक्षा अधिकारी के नाम से जारी किया गया था. जबकि यह फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल किया गया था.



लोक शिक्षण संचनालय भोपाल के नाम से भेजा गया या पत्र 7 नवम्बर को भोपाल न्यू मार्केट, टीटी नगर जीपीओ से स्‍पीड पोस्‍ट द्वारा हरदा भेजा गया था. जबकि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को 13 नवंबर को यह पत्र मिलने के बाद सत्यापन के लिए भोपाल लोक शिक्षण कार्यालय भेजा गया और वहां से 14 नवम्बर को इस तरह के कोई भी आदेश पत्र जारी नहीं होने की बात कही गई.

पत्नी का अटैचमेंट दूसरी स्कूल करने से नाराज था आरोपी
मास्टरमाइंड रामदेव सैनी द्वारा इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने के पीछे कहानी भी बड़ी अजीब है. शुरू से आपराधिक सोच रखने वाले रामदेव सैनी पर विगत वर्ष 2010 में एक महिला से छेड़छाड़ का मामला भी दर्ज है. एमए तक शिक्षित आरोपी ग्राम सोंताडा में एक इंस्टिट्यूट संचालन करने के साथ आरएमपी डिग्री धारी झोलाछाप डॉक्टर भी है. मामले के जांच अधिकारी एसआई उम्मेदसिंह राजपूत ने न्यूज़ 18 को बताया कि आरोपी की पत्नी रीना सैनी टिमरनी के प्राइमरी स्कूल में पदस्थ थी. आरोपी की पत्नी का अटैचमेंट शिक्षा विभाग ने ग्राम सोंताडा के स्कूल में चार महीने पहले किया गया था और इसी अटैचमेंट को समाप्त करने के लिए यह फर्जी आदेश पत्र जारी किया था.

एसपी ने कही ये बात
जिले के एसपी भगवतसिंह बिरदे ने न्यूज़ 18 से चर्चा में बताया कि शिक्षा विभाग को संदिग्ध पत्र प्राप्त हुआ था. उसके सम्बन्ध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कलेक्टर के माध्यम से पत्र मिला था. शुरू में ही पत्र संदिग्‍ध लग रहा था और जहां से पत्र पोस्ट हुआ था वहां से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार आरोपी पकड़ में आया है.

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