BSF में शौर्य का प्रतीक बनी MP की यह बेटी, अनूठी है संघर्ष की दास्तां
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BSF में शौर्य का प्रतीक बनी MP की यह बेटी, अनूठी है संघर्ष की दास्तां
दिव्या गौर अपने दमखम और अपने शौर्य की गौरवशाली मिसाल लगातार पेश कर रही है

दिव्या गौर अपने दमखम और अपने शौर्य की गौरवशाली मिसाल लगातार पेश कर रही है

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 16, 2018, 4:59 PM IST
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मध्य प्रदेश के हरदा जिले के फुलड़ी गांव की बेटी दिव्या गौर अपने दमखम और अपने शौर्य की गौरवशाली मिसाल लगातार पेश कर रही है. दिव्या इन दिनों बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में सेवा देकर गांव और जिले का नाम रोशन कर रही है.

अपनी मेहनत के दम पर दिव्या दिल्ली राजपथ पर अपने हैरतअंगेज बाइक स्टंट का प्रदर्शन आगामी 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर होने जा रही परेड में करेंगी. दिव्या इस समय 135 राजस्थान रामगढ़ बटालियन में पदस्थ है जिसमें कुल 35 जांबाज महिला कमांडर शामिल हैं.

राजपथ में इन दिनों बीएसएफ लेड़ी बाइकर्स की एक जांबाज टीम का हौसला देखते ही बनता है.
बीएसएफ की इस लेडी ब्रिगेड ने दिन-रात कड़ी मेहनत कर खुद को तपाकर फौलाद बना लिया है. जो लड़की कल तक साइकिल भी नहीं चला सकती थीं वो अब जांबाजी के साथ मोटरसाइकिल पर एक नया इतिहास रचने को बेताब है.
मुश्किल हालातों से लड़कर हासिल किया मुकाम


हरदा जिले के ग्राम फुलडी की दिव्या बचपन से ही देश सेवा करना चाहती थी. प्रारंभिक शिक्षा हरदा जिले के फुलडी गांव में ही प्राप्त की और रहटगांव के निजी स्कूल में बतौर टीचर काम किया.

आर्थिक परिस्थिति अनुकूल नहीं होने के बाद भी दिव्या ने बीएससी की पढ़ाई की और देश सेवा के लिए तैयारी आरम्भ की. दिन रात कड़ी मेहनत करने के बाद 15 दिसम्बर 2014 को सफलता मिली.

लेडी ब्रिगेड के हैरतअंगेज पराक्रम
69वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ये मध्य प्रदेश की जांबाज बेटी कुछ ऐसे हैरतअंगेज कारनामों को अंजाम देंगी, जिसे देखकर हर कोई इस बेटी को शाबाशी देने को मजबूर हो जाएगा. बीएसएफ की ये महिला बाइकर्स अपने हौसले को एक नई उड़ान देने में जुटी हैं.
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