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चार अगस्त की वो खौफनाक रात, जब पल भर में मौत की नींद सो गए थे 29 लोग
Harda News in Hindi

Praveen Singh Tanwar | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 4, 2016, 1:33 PM IST
चार अगस्त की वो खौफनाक रात, जब पल भर में मौत की नींद सो गए थे 29 लोग
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में रेल बजट पेश करने के दौरान बताया था कि इस साल बीस फीसदी कम रेल एक्सीडेंट हुए हैं. हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर भले ही कम हादसे हुए हों लेकिन हरदा में जो हादसा हुआ उसे भुलाया नहीं जा सकता है.

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में रेल बजट पेश करने के दौरान बताया था कि इस साल बीस फीसदी कम रेल एक्सीडेंट हुए हैं. हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर भले ही कम हादसे हुए हों लेकिन हरदा में जो हादसा हुआ उसे भुलाया नहीं जा सकता है.

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रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में रेल बजट पेश करने के दौरान बताया था कि इस साल बीस फीसदी कम रेल एक्सीडेंट हुए हैं. हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर भले ही कम हादसे हुए हों लेकिन हरदा में जो हादसा हुआ उसे भुलाया नहीं जा सकता है.

हादसे की वो खौफनाक रात

हरदा में चार अगस्त की रात को एक ही जगह पर एक के बाद एक दो ट्रेनों के पटरी से उतरने साथ बड़ा हादसा हुआ था. हरदा से खिड़किया स्टेशन के बीच हुए हादसे में कामायनी और जनता एक्सप्रेस की 17 बोगियां पुलिया धंसने से पटरी से उतर गई थीं. हादसे में 29 लोगों की मौत हो गई थी. जबकि 100 से अधि‍क घायल हुए थें.



कहां हुआ था हादसा



दरअसल, काली माचक नदी से पहले बनी एक छोटी पुलिया की है. जहां कामायनी एक्सप्रेस के (मुम्बई-वाराणसी) 11 डिब्बे पुलिया धंसने कारण पटरी से उतर गए, जबकि इसके ठीक बाद जनता एक्सप्रेस (राजेंद्रनगर-कुर्ला) ठीस उसी जगह हादसे का शि‍कार हुई थीं. हादसे से ठीक 8 मिनट पहले दोनों ट्रैक से दो गाड़ि‍यां सुरक्षि‍त गुजरी थीं.

कैसे हुआ था हादसा

हादसा उस वक्त हुआ जब बारिश की वजह से माचक नदी की पुलिया के पास पटरी धंस गई और ट्रेनें पटरी से उतर गईं. रेलवे का कहना था कि 8 मिनट पहले इसी ट्रैक पर दो गाड़ियां गुजरी थीं लेकिन ट्रैक पर अचानक पानी आने से पटरियां डूब गईं और इस पर से ट्रेन निकालने के वक्त ये हादसा हुआ.

रेलवे ट्रैक की गिट्टी बहने से हुआ था हादसा

रेलवे की रिपोर्ट में हरदा रेल हादसे की वजह बारिश के पानी का तेज बहाव बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैक में से गिट्टी बह गई थी, जिससे भीषण हादसा हुआ था.

हादसे का लेकर पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम रमेश चंद्रा का कहना था कि, भविष्य में रेलवे से ऐसी गलती न हो, इसके लिए पूरी तरह से सावधानी बरती जाएगी.

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया था. रेलवे की तरह से पहले ये थ्योरी दी गई थी कि बांध से अचानक पानी छोड़ने की वजह हादसा हुआ.

हालांकि, राज्य सरकार ने एक दिन बाद ही इन आरोपों को खारिज कर दिया था. बाद में रेलवे की अपनी जांच में भी इस बात पर मुहर लग गई थी कि, बांध से पानी छोड़ने की पुष्टि नहीं हो रही है. यह हादसा रेलवे ट्रैक की गिट्टी बह जाने से हुआ था.
First published: August 4, 2016, 1:33 PM IST
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