फिल्म दृष्यम की तर्ज पर मिटाए सबूत, लेकिन मोबाइल सिम के जरिए हुआ कत्ल का पर्दाफाश

दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में काम करने वाली महिला लीना शर्मा की हत्या समाज में घट रही घटनाओं से प्रेरित नहीं थी बल्कि अपराधियों ने इसे फिल्म से प्रभावित होकर अंजाम दिया था.

News18 Madhya Pradesh
Updated: May 16, 2019, 4:52 PM IST
फिल्म दृष्यम की तर्ज पर मिटाए सबूत, लेकिन मोबाइल सिम के जरिए हुआ कत्ल का पर्दाफाश
फिल्म दृश्यम के तर्ज पर की गई साक्ष्य मिटाने की कोशिश.
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Updated: May 16, 2019, 4:52 PM IST
फिल्मी दुनिया से जुड़े लोग प्राय: यही तर्क देते हैं कि वे फिल्मों में वही सबकुछ दिखाते हैं जो घटनाएं समाज में घट रही हैं. लेकिन कई मामलों में ठीक इसके विपरीत भी तर्क दिए जाते हैं. दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में काम करने वाली महिला लीना शर्मा की हत्या समाज में घट रही घटनाओं से प्रेरित नहीं थी बल्कि अपराधियों ने इसे फिल्म से प्रभावित होकर अंजाम दिया था. बता दें कि लीना शर्मा दिल्ली के वसंत बिहार में रहा करती थी. उसके नानी का घर मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के सोहागपुर में था. लीना यहां अपने पैतृक जमीन का विवाद सुलझाने आई थी. मगर जमीन विवाद में लीना की हत्या कर दी गई. फिर इस हत्या के साक्ष्य मिटाने के लिए हत्यारों ने कुछ ऐसी होशियारी की जिससे फिल्म दृश्यम की याद ताजा हो गई.

बता दें कि लीना की हत्या करने के बाद हत्यारों ने उसके फोन को जबलपुर की ओर जा रही एक रेलगाड़ी में ठीक उसी तरह फेंक दिया था जिस तरह फिल्म दृश्यम में सेल फोन को एक बस में फेंका गया था. लेकिन हत्यारों की साक्ष्य मिटाने की यह तरकीब काम नहीं आई. उस ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री को जब लीना का वह फोन मिला तब उसने फोन को अपने पास रख लिया और फोन के सिम कार्ड को पिपरिया के पास फेंक दिया. अब वह सिम पिपरिया में एक युवक के हाथ लग गई. उस युवक ने सिम का इस्तेमाल करने के लिए जैसे ही उसे फोन में लगाया वैसे ही लीना का नंबर एक्टिव हो गया. लीना के फोन का सिग्नल मिलते ही कुछ गड़बड़ होने की बात को बल मिल गया. इसके बाद हत्या की जांच कर रही पुलिस ने सर्विलांस के जरिए भी जानकारियां जुटाई.



इसी जांच पड़ताल के क्रम में पुलिस को पता चला कि दुदेहा गांव के एक खेत में प्रदीप नाम के व्यक्ति ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर लीना पर जानलेवा हमला किया था. बता दें कि प्रदीप सोहागपुर ब्लॉक का कांग्रेस का प्रमुख था और लीना उसे चाचा कहा करती थी. पुलिस ने जब प्रदीप के दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तब दबाव में आकर उन्होंने लीना की हत्या से जुड़ी सारी बातें पुलिस को बता दी.

फिर पुलिस ने एक जगह से दूसरी जगह भाग रहे प्रदीप का पीछा करते हुए उसे भोपाल में दबोच लिया. पुलिस की पूछताछ में प्रदीप ने अपने दोस्तों के साथ किए गए गुनाह को कबूल लिया. उसने कहा कि रॉड और पत्थरों से लीना की हत्या करने के बाद उसके शव को दूर जंगल में फेंक दिया था.

पुलिस के अनुसार प्रदीप ने लीना की हत्या का षडयंत्र पहले ही रच लिया था. लीना के फोन को ट्रेन में फेंकने की प्लानिंग भी पहले ही कर ली गई थी. साथ ही लीना के मृत देह पर नमक डालकर हत्या के साक्ष्य मिटाने के भी प्रयास किए गए थे. पुलिस के अनुसार लीना की जमीन पर प्रदीप ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया था. लीना अपनी इसी जमीन पर बाउंड्री डालना चाह रही थी. वह इसी काम के लिए यहां आई थी.

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पुलिस ने मोबाइल सिम की मदद से किया कत्ल का पर्दाफाश
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