Rafale deal: देश के लिए ऐतिहासिक पल के गवाह बने हरदा के IFS नमन उपाध्याय

राफेल डील के समय IFS नमन उपाध्याय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ नजर आए
राफेल डील के समय IFS नमन उपाध्याय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ नजर आए

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और लड़ाकू विमान राफेल के साथ सोशल मीडिया (social media) पर आई नमन उपाध्याय की तस्वीरें परिवार के साथ हरदा जनपद के लोगों के लिए भी भी गर्व का विषय बनी हुई हैं. हरदा के रहने वाले नमन 2016 बैच के IFS ऑफिसर हैं....

  • Share this:
हरदा: दशहरा का पर्व हरदा के लिए गौरव लेकर आया है. फ़्रांस में मंगलवार को विजयदशमी के पर्व पर देश को मिले पहले राफेल विमान के ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने हरदा के नमन उपाध्याय. बता दें कि भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 2016 बैच के ऑफिसर नमन उपाध्याय फ़्रांस के भारतीय दूतावास में तैनात हैं. मंगलवार को जब  फ़्रांस में औपचारिक रूप से राफेल विमान ग्रहण करने भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) वहां गए थे तो इस ऐतिहासिक क्षण में नमन भी भारतीय रक्षामंत्री के साथ नजर आए. नमन के परिवार ने सोशल मीडिया पर इस ऐतिहासिक पल की तस्वीरें साझा की हैं.

ख़ुशी का पल
बुराई पर अच्छाई के जीत का प्रतीक दशहरे का त्यौहार हरदा के लिए भी बड़े गौरव का क्षण लेकर आया. मंगलवार को जब फ़्रांस द्वारा देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लड़ाकू विमान राफेल सौंपने की तैयारियां चल रही थीं और पूरे विश्व की निगाह भारत के इस कदम पर थी. वहीं देश के लिए इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने हरदा के उपाध्याय परिवार के सदस्य नमन उपाध्याय. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लड़ाकू विमान राफेल के साथ सोशल मीडिया पर आई नमन उपाध्याय की तस्वीरें परिवार के साथ हरदा के आमजन के लिए भी गर्व का विषय बनी हुई है. हरदा निवासी उपाध्याय परिवार के सदस्य नरेंद्र उपाध्याय से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय विदेश सेवा में चयनित होने के बाद नमन की पोस्टिंग फ़्रांस स्थित भारतीय दूतावास में सेकेण्ड सेकेट्री के पद पर हुई है.

फ़्रांस में राफेल के साथ IFS नमन उपाध्याय

नमन उपाध्याय हरदा के उन दिवंगत शिक्षक बृजमोहन उपाध्याय के पोते है जिन्हें पूरा शहर लल्लू सर के नाम से जानता है. नमन के पिता नर्मदा प्रसाद उपाध्याय भी प्रदेश वाणिज्य कर विभाग में डायरेक्टर रह चुके है. 35 सदस्यों के इस परिवार के अधिकांश सदस्य प्रशासनिक सेवा के बड़े पदों पर पदस्थ है. नमन के काका नरेंद्र उपाध्याय ने कहा की पुरे परिवार को नमन की उपलब्धियों पर गर्व है. news 18 से बातचीत में उन्होंने कहा कि घर के सभी सदस्य खुश हैं कि परिवार का बेटा देश के लिए महत्वपूर्ण क्षण का गवाह बना.



UPSC में आई थी 106 रैंक
नमन उपाध्याय ने 2016 के UPSC परीक्षा परिणामों में 106वी रैंक हासिल की थी. 2010-11 में स्टेट पब्लिक कमीशन में चयन होने के बाद भी नमन ने नौकरी नहीं की थी. UPSC को ही लक्ष्य बना कर चलने वाले नमन चयन से पहले दो बार पहले भी इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन उनका सपना आखिर में 2016 में पूरा हुआ था. चयनित होने के बाद भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी के रूप में नमन उपाध्याय देश सेवा कर रहे है. हरदा निवासी उपाध्याय परिवार के सदस्य और नमन के काका नरेंद्र उपाध्याय ने news18 को जानकारी देते हुए बताया कि उनके उनके पिता स्व बृजमोहन उपाध्याय हरदा में चार दशकों तक शिक्षक के रूप में पदस्थ रहे थे.

वो बताते हैं कि उनके पिता जिन्हें जनपद के लोग 'लल्लू सर' के नाम से जानते थे अपने शिष्यों को एक ही बात कहते थे कि जिस कार्य में रूचि हो वो करो. जैसे किसी को डॉक्टर बनना था तो वे कहते थे कि 'D' शब्द पर गौर करो जिससे तुम्हें याद रहेगा कि तुम्हे डॉक्टर बनना है. उन्होंने कहा कि उनके पिता द्वारा दी गई शिक्षा के बदौलत ही बड़े बेटे निर्मल और नर्मदा उपाध्याय प्रदेश में बड़े पदों पर पहुंचे थे. 2018 के निधन के पहले दादा स्व. बृजमोहन उपाध्याय अपने नमन को समझाते थे कि तुम्हे अपने पिता से भी एक कदम आगे बढ़ना है और नमन ने अपने दादा की सीख को चरितार्थ कर दिया. नमन के भाई निहित उपाध्याय भी इंदौर में पुलिस विभाग में उप पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ है.

ये भी पढ़ें-  झाबुआ उपचुनाव : सीएम कमलनाथ आज 'बीजेपी की अयोध्या' में भरेंगे हुंकार


भोपाल के एक मदरसे में पलती हैं गाय, यहां दी जाती है 'देशभक्ति' की शिक्षा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज