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राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए 5 दिन में 100 करोड़ का दान, 40 माह में बनेगा मंदिर

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए पांच दिन में 100 करोड़ रुपये का चंदा मिला है.
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए पांच दिन में 100 करोड़ रुपये का चंदा मिला है.

राम मंदिर(Ram Mandir) निर्माण को लेकर अब तक 100 करोड़ रुपये का दान (Donation) मिल चुका है. विदेशों (Foreign) से भी लोग दान (Donation) देने की इक्छा जाहिर कर रहे हैं. मंदिर इंटर लॉक सिस्टम से बनेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 10:40 PM IST
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इंदौर. उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण में लिए विभिन्न संगठनों द्वारा ली जा रही मंदिर सहयोग राशि (Donation) देने वालों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है. भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए महज पांच दिन में 100 करोड़ का दान मिल चुका है. इंदौर (Indore) पहुंचे राम जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल ने बताया कि राम मंदिर यदि अभी से बनना शुरू हो जाए तो 36 से 40 महीनों में ये बनकर तैयार हो जाएगा. इसे पत्थरों से जोड़कर बनाया जाएगा जाना है. निर्माण में सीमेंट, कंक्रीट, ईंट और रेत का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के लिए भारत सरकार द्वारा बनाए गए ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल सोमवार को इंदौर पहुंचे. उन्होंने बताया कि अभी भी भगवान राम के दर्शन के लिए 10 हजार लोग प्रतिदिन आते हैं. राम मंदिर के निर्माण के बाद ये संख्या एक से डेढ़ लाख प्रतिदिन तक पहुंच जाएगी. उन्होंने कहा कि 1990 से मंदिर निर्माण का काम चल रहा है. इसी समय मंदिर का मॉडल तैयार किया था. 1989 में शिला पूजन करवाया गया था. उस समय सवा रुपए प्रति घर से दान लिया गया था.

करोड़ों घरों में आज भी वो मॉडल है. उसी समय से पत्थर तराशने का काम चल रहा है और सब कुछ ठीक रहा तो 36 से 40 महीने के अंदर राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा. तीन मंजिला मंदिर में प्रतिमा को लेकर उन्होंने कहा कि अभी किस तल पर कौन सी प्रतिमा होगी यह तय नहीं है. ये धर्म संसद तय करेगी. हालांकि तीनों ही तल में अलग-अलग प्रतिमाएं होंगी. जैसे,नीचे राम जी के बाल स्वरूप तो ऊपर राम दरबार होगा.



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उन्होंने बताया कि तीन मंजिला बनने वाले भव्य मंदिर निर्माण में ईंट,कांक्रीट,सीमेंट और रेती का इस्तेमाल नहीं होगा . पूरा मंदिर सिर्फ पत्थरों को जोड़ते हुए खड़ा किया जाएगा. इसे लेकर पत्थरों को लगातार तराशा जा रहा है. मंदिर का एक हिस्सा खड़ा करने के लिए तो पत्थर तराशे भी जा चुके हैं . उन्होने कहा कि मंदिर निर्माण के साथ ही यहां कई आयाम भी बनाए जा रहे हैं, जिसमें भगवान राम पर शोध करने के लिए शोध संस्थान,संतों के प्रवचन के लिए सभागार,राम जन्मभूमि से जुड़े इतिहास की जानकारी देने वाले भव्य संग्रहालय होंगे.

विदेशों से भी दान देने को तैयार हैं रामभक्त

राम मंदिर निर्माण को लेकर कामेश्वर चौपाल ने बताया कि मंदिर का मॉडल तैयार है. अयोध्या गंगा किनारे वाला क्षेत्र है. यहां भूजल काफी ऊपर है. मंदिर की नींव के लिए जब खुदाई चल रही थी तो 200 फीट पर पानी की लेयर आ गई थी. अभी मैप के मुताबिक 1200 पिलर पर मंदिर को खड़ा करने की बात कही गई है, जिसके खर्चे के लिए देश से लेकर प्रदेश और पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया गया है. 14 जनवरी से अब तक 100 करोड़ का दान मिल चुका है लोग बढ़ चढ़कर राम मंदिर के लिए आगे आ रहे हैं. विदेशों से भी भक्त चंदा देने के लिए संपर्क कर रहे हैं हमने धन लेने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है.

70 देशों से भक्तों ने भेजी शिलाएं

राम जन्म जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए 70 देशों से भक्तों ने शिलाएं भेजी हैं. देश में तीन बैंको के माध्यम से सहयोग राशि जमा की जा रही है. इसमें सोसायटी एक्ट के तहत डोनर को आयकर में छूट भी मिलेगी,फंड की निगरानी के लिए हर समिति के साथ एक अकाउंट का व्यक्ति अटैच किया गया है जो प्रतिदिन पूरी जानकारी दिल्ली तक भेजता है .

कामेश्वर चौपाल 1989 में राम जन्मभूमि पर शिलान्यास करने वाले पहले दलित व्यक्ति हैं. इनके सान्निध्य में बिरसा मुंडा अभियान वनवासी क्षेत्रों में लोकप्रिय हुआ. वनवासी क्षेत्रों में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के लिए एकत्रित की जा रही धन राशि को लेकर जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
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