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सिंहस्थ घोटाला: 100 का मटका ₹750 में और 5 करोड़ का ठेका 60 करोड़ में, अब होंगी 100 FIR

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 10, 2019, 8:08 PM IST
सिंहस्थ घोटाला: 100 का मटका ₹750 में और 5 करोड़ का ठेका 60 करोड़ में, अब होंगी 100 FIR
100 का मटका 750 ₹ में और 5 करोड़ का ठेका 60 करोड़ में दिया, अब होंगी 100 FIR

सिंहस्थ पर जारी कांग्रेस (congress) की रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन शिवराज सरकार (shivraj government) ने सिंहस्थ के विज्ञापन के नाम पर 600 करोड़ का घोटाला किया.5 करोड़ की स्वास्थ्य सामग्री के लिए 60 करोड़ रुपए चुकाए गए.बाजार में 3500 रूपए में जो कूलर मिल सकते थे, स्थानीय नगर निगम ने उसे 5600 रुपए प्रति कूलर के हिसाब से किराए पर लगवाया.

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इंदौर. उज्जैन (Ujjain) में 2016 में हुए सिंहस्थ पर कमलनाथ सरकार (kamalnath government) की पैनी नज़र है. सिंहस्थ का महा आयोजन शिवराज सरकार (shivraj singh chauhan) ने किया था. कमलनाथ सरकार कह रही है कि उसमें महा घोटाला किया गया. सामान ख़रीदने से लेकर टॉयलेट बनवाने तक हर काम में घोटाला ही घोटाला था. अब इसमें हर हफ़्ते नयी FIR दर्ज की जा रही हैं. सरकार का कहना है 100 से ज़्यादा केस दर्ज होने का अनुमान है.

मध्य प्रदेश में 2016 में सिंहस्थ के दौरान किए गए घोटालों की जांच तेज़ हो गयी है. टेंडर से लेकर सामान ख़रीदने, निर्माण कार्य सहित कई मामलों की फाइल तैयार हो चुकी हैं. राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का कहना है पूरे सिंहस्थ घोटाले में 100 से ज्यादा एफआईआर दर्ज होंगी. हर हफ्ते एक एफआईआर दर्ज की जा रही है. कमलनाथ सरकार घोटालेबाजों पर सख्त कार्रवाई करेगी.

डेढ़ हजार करोड़ का घोटाला !
मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में 2016 में जब सिंहस्थ हुआ था, उस दौरान कांग्रेस विपक्ष में थी. तब कांग्रेस ने इसमें घोटालों का आरोप लगाते हुए अपने स्तर पर जांच कराई थी. कांग्रेस विधायकों के जांच दल ने सिंहस्थ आयोजन स्थल का दौरा कर कर एक-एक काम की जांच की थी. लोगों के बयान भी दर्ज किए थे. टेंडर प्रक्रिया, खरीदे गए सामान की स्थिति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता मौके पर जाकर देखी थी. जांच कमेटी ने तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को रिपोर्ट सौंपी थी. उसमें डेढ़ हजार करोड़ के घोटाले के प्रमाण दिए थे. सत्ता में आते ही कांग्रेस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया.

कांग्रेस की रिपोर्ट
सिंहस्थ पर जारी कांग्रेस की रिपोर्ट में जो बातें सामने आयीं थीं, वो चौकाने वालीं हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन शिवराज सरकार ने सिंहस्थ के विज्ञापन के नाम पर 600 करोड़ का घोटाला किया. 5 करोड़ की स्वास्थ्य सामग्री के लिए 60 करोड़ रुपए चुकाए गए. बाजार में 3500 रुपए में जो कूलर मिल सकते थे, स्थानीय नगर निगम ने उसे 5600 रुपए प्रति कूलर के हिसाब से किराए पर लगवाया. सिंहस्थ मेला क्षेत्र में कुल 40 हजार शौचालय बनाए गए लेकिन कागजों पर 90 हजार लिखे गए.

हर काम में घोटालापूरे आयोजन स्थल, साधुओं की छावनियों में 35 हजार शौचालय, 15 हजार बाथरूम और 10 हजार मूत्रालय बनाए जाना थे. इसके लिए 18 अगस्त, 2015 को टेंडर क्रमांक 1415 निकाला गया, जो मात्र 36 करोड़ रुपए का था. इसमें लल्लूजी एंड सन्स, सुलभ और 2004 के सिंहस्थ में अधूरा काम छोड़कर भागने वाली ब्लैक लिस्टेड कंपनी सिंटेक्स ने भी भाग लिया. इस तरह 36 करोड़ का ठेका 117 करोड़ में दिया गया.

इसी प्रकार नगर निगम ने आर-ओ के पानी की 750 प्याऊ 2.50 लाख रुपए प्रति प्याऊ की लागत से बनवायीं. प्रतिदिन की मान से 40 करोड़ रुपए में कचरा प्रबंधन का ठेका दिया. इसमें भी बहुत बड़ा भ्रष्टाचार हुआ. 5 करोड़ के पुल के लिए 15 करोड़ भुगतान किया गया, वहीं 66 करोड़ का अस्पताल बनाने के लिए 93 करोड़ भुगतान किया गया. गर्मी में 30 लाख रुपए की वैसलीन खरीदी गई. शहर और मेला क्षेत्र में 120 और 150 वॉट की 11,330 एलईडी लाइट लगाने का दावा किया था. इसमें 3 करोड़ 60 लाख का घोटाला हुआ. पीने के पानी के लिए 100 रुपए का मटका 750 में खरीदा गया.

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First published: December 10, 2019, 6:35 PM IST
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