Lockdown: MP के 16,000 छोटे उद्योगों ने मांगी दोबारा कारखाने शुरू करने की चरणबद्ध मंजूरी
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Lockdown: MP के 16,000 छोटे उद्योगों ने मांगी दोबारा कारखाने शुरू करने की चरणबद्ध मंजूरी
चीनी मिलों पर किसानों का बकाया एक बड़ी समस्या है (फ़ाइल फोटो)

प्रमोद डफरिया ने कहा, "कुछ अन्य प्रांतों में कई स्थानों पर छोटे उद्योग आरंभ हो चुके हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश के छोटे उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए जल्द उत्पादन बहाल करने की जरूरत है. वरना हमारे हाथों से कारोबार छिन जाएगा."

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इंदौर. कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के मद्देनजर जारी लॉकडाउन (Lockdown) के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के करीब 16,000 छोटे उद्योगों पर दबाव बढ़ रहा है और इन उद्योगों ने अपनी दुश्वारियों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार से शहरी क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से उत्पादन बहाल करने की अनुमति मांगी है.

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्य प्रदेश के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया ने बृहस्पतिवार को कहा, "लॉकडाउन के बावजूद सूबे के करीब 16,000 छोटे उद्योगों को अपने अधिकतर श्रमिकों और कर्मचारियों के वेतन-भत्तों सहित अलग-अलग देनदारियों का भार उठाना पड़ रहा है. लिहाजा हम चाहते हैं कि हमें शहरी क्षेत्रों में उत्पादन बहाल करने की अनुमति चरणबद्ध तरीके से दी जाए ताकि हम दोबारा कारोबार शुरू करते हुए यह भार उठाने में सक्षम हो सकें."

मध्य प्रदेश के छोटे उद्योगों में उत्पादन बहाल करने की जरूरत



उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि पहले चरण में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के छोटे उद्योगों को मंजूरी दी जाए." डफरिया ने कहा, "कुछ अन्य प्रांतों में कई स्थानों पर छोटे उद्योग आरंभ हो चुके हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश के छोटे उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए जल्द उत्पादन बहाल करने की जरूरत है. वरना हमारे हाथों से कारोबार छिन जाएगा."
उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग कोविड-19 को लेकर शासन-प्रशासन के जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी औद्योगिक गतिविधियों को बहाल करना चाहते हैं. ये उद्योग इस महामारी का प्रकोप थमने तक अपने कारखानों के परिसरों में ही श्रमिकों और कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था करने को भी तैयार हैं.

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में कहा था कि ग्रीन जोन (कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त क्षेत्र) और राज्य के छोटे शहरों में कुछ श्रेणियों में आर्थिक गतिविधियों की मंजूरी दी गई है. लेकिन महामारी के प्रकोप से सुरक्षित क्षेत्रों में चलने वाली इकाइयों में उन मजदूरों या अन्य कर्मचारियों को आने-जाने की अनुमति फिलहाल नहीं दी जा सकती, जो किसी संक्रमित इलाके में रह रहे हैं.

इंदौर में 300 से ज्यादा इकाइयों को इजाजत

अधिकारियों ने बताया कि नजदीकी औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर की करीब 300 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को उत्पादन बहाल करने की अनुमति दी गई है. लेकिन आवश्यक रख-रखाव और मानव संसाधन की व्यवस्था के मद्देनजर इनमें से अधिकांश इकाइयों को फिर से नियमित काम-काज शुरू करने में कुछ दिन लग सकते हैं. उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के प्रकोप से जूझ रहे इंदौर जिले में अब तक चरणबद्ध तरीके से फार्मा संयंत्रों, आटा मिलों, दाल मिलों और वेयरहाउसों समेत 300 से ज्यादा इकाइयों को भी अनुमति दी जा चुकी है.

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