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नोट बंदी के 3 साल : कांग्रेस मना रही काला दिवस, बीजेपी बोली-सदमा पड़ा भारी

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 8, 2019, 11:22 AM IST
नोट बंदी के 3 साल : कांग्रेस मना रही काला दिवस, बीजेपी बोली-सदमा पड़ा भारी
नोटबंदी के 3 साल

इंदौर (indore) दौरे पर आए कांग्रेस (congress) महासचिव पीएल पुनिया (p l punia) का कहना है नोटबंदी (demonetisation) को नाटकीय ढंग से लागू किया गया था. ये ऐसा बगैर सोचे समझे उठाया गया कदम था जिसके परिणाम आज भी हम भुगत रहे हैं

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इंदौर. देश में नोटबंदी के आज 3 साल (3 years of demonetisation) पूरे हो गए. 8 नवंबर 2016 की रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra modi) ने नोटबंदी (demonetisation) का एलान किया था. कांग्रेस (congress) इसे काला दिवस (black day) के रूप में मना रही है. बीजेपी (bjp) उस पर तंज कस रही है कि कांग्रेस कालाधन डूबने के सदमे से अभी तक उबर नहीं पायी है.
कांग्रेस मना रही काला दिवस
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 साल पहले 8 नवंबर 2016 की रात आठ बजे नोटबंदी की घोषणा की थी. आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रदेश में इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर में दिखाई दिया. नोटबंदी के बाद नए नोट आने और मुद्रा प्रवाह के नियमों में एक के बाद एक बदलाव आने से रोज मेहनत करके कमाने-खाने वाले कई लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. तमाम निर्माण कार्य रुके,उद्योग बंद हुए,नगदी के आधार पर चलने वाले कई कारोबार बंद हो गए. लेकिन धीरे धीरे अर्थव्यवस्था पटरी पर भी आने लगी
लेकिन कांग्रेस अभी भी इसे एक तुगलकी फरमान बता रही है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला का कहना है कि नोटबंदी ने जनता को बैंकों की लाइन में खड़ा कर दिया था. इस दौरान कई जानें भी गयीं और देश की जनता त्राहि-त्राहि करने लगी.इसलिए कांग्रेस इसे काला दिन मानती है.

बीजेपी का तंज
बीजेपी नोटबंदी के फैसले को देशहित में लिया गया सबसे बड़ा फैसला मानती है. इंदौर से बीजेपी सांसद शंकर लालवानी का कहना है इस फैसले से कांग्रेस नेताओं का काला धन मिट्टी बन गया था. जिसका सदमा आज तक दूर नहीं हुआ है. इसी सदमे के कारण कांग्रेस के लोग इसे हर साल याद करते हैं और काले दिवस की बात करते हैं. देश की अर्थ व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है.
 नोटबंदी का अब तक असर-पुनिया
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इंदौर दौरे पर आए कांग्रेस महासचिव पीएल पुनिया का कहना है नोटबंदी को नाटकीय ढंग से लागू किया गया था. ये ऐसा बगैर सोचे समझे उठाया गया कदम था जिसके परिणाम आज भी हम भुगत रहे हैं. देश की अर्थव्यवस्था आज तक उसको बर्दाश्त नहीं कर पाई है. हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व विख्यात अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने उसी समय कहा था कि ये ऐसा कदम है जिसके परिणाम गंभीर होंगे और कम से कम दो फीसदी जीडीपी ग्रोथ नीचे जाएगी और वो गई भी.अब देश की जीडीपी 5 प्रतिशत पर टिकी तो उन्होनें फिर कहा है कि इसको देखने से ऐसा लगता है कि नोटबंदी और जीएसटी को जिस तरह से लागू किया गया उसका प्रभाव अभी खत्म नहीं हुआ है.
कई देशों में हो चुकी है नोटबंदी
देश में नोटबंदी का असर भले ही कम हुआ हो लेकिन राजनैतिक दल इसे खत्म नहीं होने देना चाहते हैं. इसलिए कांग्रेस इसे काला दिवस तो कभी त्रासदी दिवस के रुप में मनाती रहती है. हालांकि देश की जनता नोटबंदी को अब अच्छा फैसला मान रही है. भारत से पहले अफ्रीकी देश घाना,नाइजीरिया,म्यांमार,उत्तरी कोरिया और तत्कालीन सोवियत संघ जैसे देशों ने नोटबंदी का फैसला लिया था .

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First published: November 8, 2019, 11:22 AM IST
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