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इंदौर के जन आंदोलन की बड़ी जीत, सीएम बोले- तालाब किनारे नहीं होगा जिला अदालत का निर्माण

Anurag Shrivastava | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 15, 2016, 4:02 PM IST
इंदौर के जन आंदोलन की बड़ी जीत, सीएम बोले- तालाब किनारे नहीं होगा जिला अदालत का निर्माण
फाइल फोटो

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारी विरोध को देखते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जिला अदालत के प्रस्तावित भवन की जगह को बदलने का ऐलान किया है. तालाब किनारे बनने वाले नए भवन का शहर के सामाजिक और राजनीतिक संगठन पुरजोर विरोध कर रहे थे.

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारी विरोध को देखते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जिला अदालत के प्रस्तावित भवन की जगह को बदलने का ऐलान किया है. तालाब किनारे बनने वाले नए भवन का शहर के सामाजिक और राजनीतिक संगठन पुरजोर विरोध कर रहे थे.

सामाजिक संगठनों ने जल सत्याग्रह के जरिए पीपल्याहाना तालाब के पास बन रही नई बिल्डिंग का विरोध किया तो कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी, अभिभाषक संघ और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी पुरजोर तरीके से अपनी बात रखी.

लगातार बन रहे दबाव के चलते आखिरकार सीएम शिवराज ने शुक्रवार दोपहर को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इंदौर में बनने वाले अदालत भवन की जगह को बदला जाएगा. इसके लिए नई जगह तलाशी जाएगी. सही जगह तलाशने के लिए विशेष समिति का गठन किया गया है.

यह समिति भवन निर्माण के लिए वैकल्पिक स्थानों के बारे में अपनी अनुशंसा देगी. इस समिति में उच्च न्यायालय के प्रतिनिधि भी होंगे. जिला न्यायालय भवन के लिए वैकल्पिक स्थान का चयन उच्च न्यायालय की सहमति से होगा, तब तक पूर्व निर्धारित स्थान पर कोई निर्माण नहीं होगा.

वकीलों ने किया था काम बंद

गौरतलब है कि गुरुवार को पिपल्याहाना तालाब के पास जिला अदालत के निर्माण को लेकर विरोध करते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ, जिला अदालत और अन्य निचली कचहरियों में वकीलों ने जनआंदोलन का हिस्सा बनते हुए काम बंद कर दिया था.

वकीलों ने विरोध करते हुए ये मांग रखी थी कि, जिला न्यायालय भवन को स्थानांतरित करने के बजाय पुरानी जगह पर ही इसका विस्तार किया जाए.दरअसल स्थानीय लोगों का मानना है कि, तालाब के किनारे जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण से इस जलाशय के आस-पास के पर्यावरण और भूमिगत जलस्तर पर विपरीत असर पड़ेगा. जिस वजह से अदालत का निर्माण स्थल बदला जाना चाहिए.

वहीं वकीलों का कहना था कि, एमजी रोड पर स्थित मौजूदा जिला न्यायालय भवन न केवल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इमारत के पास है, बल्कि यह रेलवे स्टेशन और मुख्य बस स्टैंड से भी सटा है. इस वजह से जिला न्यायालय का मौजूदा भवन सभी के लिए सुविधाजनक है.

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First published: July 15, 2016, 2:45 PM IST
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