हमारी मेमरी को भी प्रभावित कर सकते हैं फूल, जानिए एलोवेरा को लेकर क्या कहती है IIT इंदौर की रिसर्च

आईआईटी इंदौर की टीम ने एलोवेरा को लेकर नई रिसर्च की है. इसके दूरगामी परिणाम मिलने की उम्मी है. (File)

आईआईटी इंदौर से बड़ी खबर आई है. इसके भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार और उनके छात्रों ने नया शोध किया है. शोध में पता चला है कि एलोवेरा के पौधों में लगने वाले फूलों में इलेक्ट्रॉनिक मेमोरी प्रभाव रखने वाले अवयव होते हैं.

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इंदौर. आईआईटी इंदौर से बड़ी खबर आ रही है. यहां की टीम ने एलोवेरा पर नया शोध किया है. इस शोध के दूरगामी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं.आईआईटी इंदौर के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार और उनके छात्रों ने शोध में पता लगाया कि एलोवेरा के पौधों में लगने वाले फूलों में इलेक्ट्रॉनिक मेमरी प्रभाव रखने वाले अवयव होते हैं.

डॉ. राजेश की रिसर्च स्कॉलर तनुश्री घोष द्वारा किए गए इस शोध में पता चला है इस मेमरी प्रभाव का उपयोग डाटा स्टोरेज के लिए किया जा सकता है.शोध में किए दावे के अनुसार यह अपने आप में एक अनूठी खोज है, क्योंकि अब तक किसी भी वनस्पति में इस प्रकार का कोई प्रभाव नहीं देखा गया है.

अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में शोध प्रकाशित

डॉ राजेश कुमार और उनकी टीम मटेरियल एंड डिवाइस लैब में नेचर से जुड़ी चीजों पर लगातार रिसर्च कर रही है. ताकि, चीजों के अवयवों से पर्यावरण और समाज के लिए सकारात्मक काम किया जा सके. एसीएस अप्लायड इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल्स  नामक अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में हालिया प्रकाशित शोध पत्र के मुताबिक एलोवेरा के फूल मेमरी प्रभाव, एक मेमरिस्टर नामक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के सिद्धान्त पर कार्य करता है. लेकिन, यह टेपरिकॉर्डर या कम्प्यूटर चिप जैसे चुम्बकीय मेमोरी उपकरणों से अलग है.

शोध के सामने आएंगे दूरगामी परिणाम

तनुश्री घोष के अलावा इस काम में सुचिता कांडपाल, चंचल रानी, मनुश्री तंवर, देवेश कुमार पाठक और अंजली चौधरी ने भी योगदान दिया है.आईआईटी मैनेजमेंट के मुताबिक, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग व विज्ञान एवं इंजीनियरी बोर्ड द्वारा प्रायोजित इस शोध के सकारात्मक और दूरगामी परिणाम मिलने की आशा है. इस रिसर्च को भौतिकी विभाग के साथ-साथ ग्रामीण विकास एवं प्रौद्योगिकी व एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्रों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया.  आईआईटी इंदौर आजकल नए-नए शोध कर रहा है उसी कड़ी में यह रिसर्च सामने आई है.

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