हनीट्रैप के जाल में फंसा एक और जवान, पाकिस्तान को भेजता था खुफिया जानकारी

आरोपी जवान को एक महीने तक ट्रैक किया गया था. पुख्‍ता सबूत मिलने के बाद मध्‍य प्रदेश की एटीएस टीम ने उसे हिरासत में लिया.

News18 Madhya Pradesh
Updated: May 16, 2019, 9:09 PM IST
हनीट्रैप के जाल में फंसा एक और जवान, पाकिस्तान को भेजता था खुफिया जानकारी
हनी ट्रैप के जाल में फंसा सेना का जवान (प्रतिकात्मक फोटो)
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Updated: May 16, 2019, 9:09 PM IST
संदीप बोल

पाकिस्तान द्वारा इंडियन आर्मी के जवानों को हनीट्रैप के जाल में फंसाना कोई नई बात नहीं है. ऐसा ही एक और मामला सामने आया है, जिसमें मध्य प्रदेश के महू में एक जवान को जासूसी के शक में हिरासत में लिया गया है. सेना का कहना है कि आरोपी जवान सेना से जुड़ी जानकारियां पाकिस्तान को भेज रहा था. फिलहाल जवान से पूछताछ चल रही है.



इंटरनेट से जीवन आसान होने के साथ ही सोशल मीडिया के जरिये जासूसी की घटनाएं भी बढ़ी हैं. पाकिस्तान लागातार फेक आईडी के जरिये भारतीय सुरक्षा तंत्र में घुसने की कोशिश कर रहा है. इंडियन आर्मी में हनीट्रैप का यह पहला मामला नहीं है. आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत भी कई बार जवानों को इसको लेकर सावधान कर चुके हैं.

इंटेलिजेंस से मिली थी जानकारी

बाक़ायदा कई दिशा-निर्देश भी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद हनीट्रैप के मामले सामने आ रहे हैं. नया मामला मध्य प्रदेश के महू का है जहां सेना के एक जवान को सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी और मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली जानकारी के बाद मध्य प्रदेश पुलिस की एटीएस टीम ने जासूसी के शक में हिरासत मेंं लिया है.

बिहार का है जवान
बिहार का रहने वाला ये जवान महू में भारतीय सेना की एक यूनिट में क्लर्क के पाद पर तैनात था. उस पर शक है कि उसने पाकिस्तान को भारतीय सेना से जुड़ी जानकारियां भेजी हैं. जानकारी के मुताबिक़, इस जवान को पाकिस्तानियों ने फ़ेसबुक के जरिये फंसाया और वह पाकिस्तानी महिला के संपर्क में आया. धीरे-धीरे आर्मी जवान इस जाल में फंसता चला गया. सूत्रों की माने तो उसे भारतीय सेना की लोकेशन, मूवमेंट और एक्सरसाइज से जुड़ी जानकारी हासिल करने का टास्क दिया गया.
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आरोपी जवान आर्मी में अपने संपर्कों के जरिये संवेदनशील जानकारी हासिल कर रहा  था और पाकिस्तान को भेज रहा था. वह इन सूचनाओं को फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिये शेयर कर रहा था. यह भी माना जा रहा है कि इसके बदले उसे पैसे दिए जा रहे थे.

आरोपी को किया गया था ट्रैक
आरोपी जवान की गतिविधियों से हरकत में आई इंटेलिजेंस एजेंसी ने जांच शुरू की और उस पर फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस रखा. उसकी हर हरकत को ट्रैक किया गया. करीब एक महीने की निगरानी के बाद जब उसके खिलाफ सबूत मिले तो बुधवार (15 मई) को मध्य प्रदेश पुलिस की एटीएस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया. फिलहाल उसके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच कर उससे पूछताछ की जा रही है. यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसने किस तरह की सूचनाएं पाकिस्‍तान को मुहैया कराई है.

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