Assembly Banner 2021

जब ब्रेक लगाना ही भूल गए BJP के नए-नए बने मंत्री, कुचल डालते लोगों को

BJP के मंत्री तुलसी सिलावट ड्राइवर को हटाकर खुद इस तरह बस चलाने लगे.

BJP के मंत्री तुलसी सिलावट ड्राइवर को हटाकर खुद इस तरह बस चलाने लगे.

BJP के नए-नए मंत्री तुलसी सिलावट बिना हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के बस चला रहे थे. इस दौरान एक दफा ऐसा भी हुआ कि वे ब्रेक लगाना ही भूल गए. इस दौरान कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था.

  • Last Updated: March 7, 2021, 5:16 PM IST
  • Share this:
इंदौर. इंदौर में रविवार को लोगों की जान उस समय सांसत में आ गई जब राज्य के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बस के ड्राइवर को हटाकर खुद स्टेयरिंग थाम ली. दरअसल मंत्री तुलसी सिलावट इंदौर के कालिंदी से सिटी बस सेवा की शुरूआत करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने शहर को 4 सिटी बसों की सौगात दी, जो दिन में 14 फेरे लगाएंगी.

सिटी बस सेवा के उद्घाटन के दौरान मंत्री जी को न जाने क्या सूझी, उन्होंने ड्राइवर को सीट से उठाया औऱ खुद उस पर बैठ गए. उन्होंने बस स्टार्ट की और चलाना शुरू कर दिया. इस दौरान भारी भीड़ बस के दोनों ओर खड़ी हुई थी. इस दौरान एक मौका तो ऐसा आया कि मंत्री जी ब्रेक लगाना ही भूल गए. वो तो गनीमत थी कि बगल में उनके समर्थक खड़े थे, जिनके कहने पर उन्होंने ब्रेक लगाया. हालांकि, कुछ दूर बस चलाने के बाद मंत्री जी बस से उतर गए.

कांग्रेस ने बताया गंभीर मामला



इधर कांग्रेस ने इसे गंभीर मामला बताया. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा कि मंत्री जी ने बिना हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के सार्वजनिक स्थान पर बस चलाकर न केवल बस में बैठे लोगों की, बल्कि बाहर खड़े लोगों की जान को जोखिम में डाला. बस चलाने का विधिवत लायसेंस लिया जाता है जो मंत्री जी के पास नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भाजपा की है. मंत्री जी को रोकने का साहस किसी ने नहीं दिखाया. मंत्री जी को बस चलाने का अनुभव भी नही है, जरा सी चूक बड़ी दुघर्टना को आमंत्रण दे सकती थी.
विपक्षी पार्टी ने इस तरह ली भाजपा नेता पर चुटकी

कांग्रेस ने कहा कि सरकार को इस पर एक्शन लेना चाहिए. बीजेपी के जनप्रतिनिधि सत्ता के नशे में इतने मदमस्त हैं कि उन्हें लोगों की जान तक की परवाह नहीं रह गई है. अभी हाल ही में सांसद शंकर लालवानी ने भी इंदौर रतलाम डेूम ट्रेन को चलाने का प्रयास किया था. वे गए तो ट्रेन को हरी झंडी दिखाने थे, लेकिन सांसद जी का मन ट्रेन चलाने का हो गया. वे मोटरमैन की सीट पर बैठकर ट्रेन चलाने लगे. हालांकि मोटरमैन ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया, नहीं तो वे ट्रेन आगे बढ़ा देते. अब भय तो इस बात का है कि सत्ता के मद में मदहोश ये मंत्री और सांसद पायलटों को अलग बैठाकर कहीं हवाई जहाज न उड़ाने लग जाएं, क्योंकि इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है, क्योंकि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज