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केंद्रीय मंत्री बोलीं- आदिवासी भी हिंदू हैं, विदेशी पैसों का लालच देकर उनका धर्मांतरण कराना गलत

News18 Madhya Pradesh
Updated: October 12, 2019, 6:45 PM IST
केंद्रीय मंत्री बोलीं- आदिवासी भी हिंदू हैं, विदेशी पैसों का लालच देकर उनका धर्मांतरण कराना गलत
केंद्रीय जनजाति विकास राज्यमंत्री रेणुका सिंह.

आदिवासियों (Tribals) के धर्मांतरण की शिकायतों (Religious conversion) को लेकर केंद्रीय जनजातीय विकास राज्यमंत्री रेणुका सिंह (Renuka Singh) ने दिया बड़ा बयान. जातिगत आरक्षण प्रणाली के समर्थन में भी रखी अपनी बात.

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इंदौर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा की सांसद और केंद्रीय जनजाति विकास राज्यमंत्री रेणुका सिंह (Renuka Singh) शनिवार को इंदौर पहुंची. यहां उन्होंने जनजाति और आदिवासी (Tribals) वर्ग के विकास के लिए उठाए जा रहे केंद्र सरकार के कदमों की जानकारी दी. इस दौरान देश के आदिवासियों को हिंदू समुदाय का हिस्सा बताते हुए रेणुका सिंह ने कहा कि "कुछ असामाजिक तत्वों" द्वारा इस तबके के लोगों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य का लालच देकर उनका धर्म बदलवाने (Religious conversion) के प्रयास दु:खदायी हैं. सिंह ने इंदौर प्रेस क्लब में संवाददाताओं से कहा, "आदिवासी, हिंदू हैं. लेकिन बहुत जगह भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है. कुछ असामाजिक तत्व विदेश से फंड लाते हैं और आदिवासियों की गरीबी तथा अज्ञानता का फायदा उठाकर अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर उन्हें (धर्मांतरण के लिए) दुष्प्रेरित करते हैं. यह स्थिति दु:खदायी है."

दोहरा फायदा ले रहे कुछ आदिवासी
केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह ने कहा, "इस तरह के लालच देकर धर्मांतरण के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर फिलहाल कोई कानून नहीं है. लेकिन शिकायतें मिलने पर हम आदिवासियों को समझाते हैं कि वे जिस जाति-धर्म में पैदा हुए हैं, उसी में रहें क्योंकि सरकार उनके हितों का पूरा ध्यान रख रही है." सिंह ने कहा कि धर्मांतरित आदिवासियों के "दोहरा फायदा" लेने के खिलाफ समाज में जागरूकता बढ़ रही है और ऐसे लाभ उठाने वाले लोगों को लेकर जनजातीय युवाओं में थोड़ा आक्रोश भी है. जनजातीय कार्य राज्यमंत्री ने एक सवाल पर कहा, "फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि जातिगत आरक्षण प्रणाली की समीक्षा की जाए या यह व्यवस्था खत्म कर दी जाए. अभी लोगों को जातिगत आरक्षण की जरूरत है."

अजीत जोगी आदिवासी नहीं

रेणुका सिंह ने एक सवाल पर कहा कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति का मसला बहुत विवादित है. उन्होंने कहा, "वैसे तो यह मामला अदालत के फैसले पर निर्भर है. लेकिन मैं यह तो कह सकती हूं कि वह (जोगी) आदिवासी नहीं हैं."

निशाने पर बघेल सरकार
महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोड़से का नाम लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा के खिलाफ सियासी हमलों पर केंद्रीय मंत्री ने एक हिन्दी मुहावरे के प्रयोग से पलटवार किया. भाजपा नेता ने कहा, "खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे. पिछले लोकसभा चुनावों में 18 प्रांतों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला है. बघेल को खासकर स्वच्छता को लेकर गांधी के विचारों को अच्छे से पढ़ना चाहिए." रमन सिंह सरकार के दौरान शुरू की गई पीडीएस योजना में घोटाले को लेकर लग रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बदलापुर की सरकार चल रही है. घोटाला हुआ है, तो सरकार जांच करें. केवल बयानबाजी से कुछ नहीं होता है.
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वनोपज की होगी मार्केटिंग
जनजातीय कार्य राज्य मंत्री ने एक सवाल पर कहा कि वह मध्यप्रदेश में सामाजिक प्रथा के नाम पर बांछड़ा समुदाय की युवतियों को देह व्यापार में जबरन धकेले जाने के विषय की जानकारी लेंगी और इसके बाद उचित कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि लघु वनोपजों और आदिवासियों के तैयार अलग-अलग उत्पादों की मार्केटिंग तथा बिक्री के लिए देशभर में 60,000 से अधिक "वन धन विकास केंद्र" खोले जाएंगे. ऐसा हर केंद्र 45 लाख रुपए की लागत से खोला जाएगा. ऐसे करीब 600 केंद्रों की जगह तय भी कर ली गई है.

(इनपुट - विकास सिंह चौहान/भाषा)

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First published: October 12, 2019, 6:45 PM IST
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