घर से भागे हिंंदू बच्चे को मुस्लिम परिवार ने दी पनाह, चाइल्ड लाइन के ज़रिए परिवार को सौंपा

बच्चे को घर पहुंचाने में चाइल्ड लाइन की प्रमुख भूमिका रही.
बच्चे को घर पहुंचाने में चाइल्ड लाइन की प्रमुख भूमिका रही.

बाल कल्याण समिति ने (बच्चे child) को बैठाकर उसकी काउंसलिंग की. मासूम ने पहले तो उन्हें भी बरगलाने की कोशिश की. लेकिन फिर उसने सच बता दिया कि वो जबलपुर (jabalpur) का रहने वाला है.

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इंदौर. इंदौर में बाल कल्याण समिति ने घर से भागे एक मासूम (Child) के माता पिता को ढूंढ़ निकाला और उसे उसके परिवार को सौंप दिया. समिति के लिए ये पल बेहद भावुक करने वाले थे. बच्चे को सही-सलामत देखकर परिवार (Family) के आंसू बह निकले.

जबलपुर के गोहलपुर इलाके में रहने वाला एक मासूम लगभग डेढ़ साल पहले भाई की डांट से नाराज होकर घर से भाग गया था.वो ट्रेन में सवार होकर इंदौर पहुंच गया. ट्रेन से उतरकर वो सपना संगीता इलाके में स्थित मैकेनिक नगर में एक टायर की दुकान पर पहुंचा और काम की मांग की. दुकान मालिक को उस पर तरस आया और उसने बच्चे को रख लिया. वहां रोज उसके खाने पीने का इंतज़ाम तो करवाते रहे लेकिन उससे कोई काम नहीं करवाया. एक दिन दुकान मालिक नशे की हालत में दुकान पर पहुंचा और उसके साथ अप्रिय व्यवहार कर दिया. बस मासूम इस बात से फिर नाराज हो गया, और दुकान से भी भाग गया.

एक से दूसरी दुकान पर भागा
दुकान से भागने के बाद वो इलाके में ही स्थित एक दूसरी चाय की दुकान पर काम मांगने गया. यह दुकान एक मुस्लिम परिवार की थी. उन्होंने उस मासूम को दुकान पर ठहरने की इजाजत दे दी, लेकिन रात के वक़्त उससे जब पूछा कि वह कहां जाएगा, तब उसने कहा की वह फुटपाथ पर ही सो जाएगा.ये सुनकर इस दुकान मालिक को भी तरस आ गया और वो इसे अपने साथ घर ले गया. वहां जब परिवार ने उससे उसके परिवार और घर के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका इस दुनिया में कोई नहीं है.इस मुस्लिम परिवार ने बच्चे को एक-दो दिन तक अपने पास रखा और फिर उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया.
बाल कल्याण समिति ने ढूंढ़ा परिवार


बाल कल्याण समिति ने मासूम को बैठाकर उसकी काउंसलिंग की. मासूम ने पहले तो उन्हें भी बरगलाने की कोशिश की. लेकिन फिर उसने सच बता दिया कि वो जबलपुर का रहने वाला है.बच्चे से मिली जानकारी के आधार पर बाल कल्याण समिति ने छानबीन की और जबलपुर पुलिस से संपर्क किया. पता चला कि जबलपुर के गोहलपुर थाना में इसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है. इस सूचना पर समिति ने जबलपुर पुलिस को फिर पुलिस ने इस बच्चे के परिवार को सूचना दी. बच्चे की खबर मिलते ही परिवार पुलिस बल के साथ भागा-भागा इंदौर पहुंचा. समिति ने बच्चे को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया. शुरू में बच्चे ने परिवार के साथ जाने में आनाकानी की लेकिन फिर चला गया. इस दौरान पूरा माहौल बेहद इमोशनल हो गया था.

एक और बच्चा घर लौटने के लिए तैयार
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष माया पांडेय ने बताया कि उनके आश्रम में झारखंड का भी एक बच्चा रह रहा था. जबलपुर के इस बच्चे और उसके परिवार को देखकर वो भी अपनी मां की याद करके रोने लगा और अब वो भी अपने घर लौटना चाहता है. बाल कल्याण समिति उसे भी घर पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है.
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