अंबेडकर जयंती पर जन्म स्थली महू में इस बार lockdown के कारण रहा सन्नाटा, सबने घर से दी श्रद्धांजलि
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अंबेडकर जयंती पर जन्म स्थली महू में इस बार lockdown के कारण रहा सन्नाटा, सबने घर से दी श्रद्धांजलि
लॉक डाउन के कारण अंबेडकर जयंती पर महू में कंप्लीट साइलेंस

डॉ. अंबेडकर के पिता सूबेदार रामजी सकपाल महार रेजिमेंट में प्रशिक्षक थे. वे यहां कालीपल्टन क्षेत्र में स्टाफ क्वार्टर में रहते थे. बाबा साहब का जन्म इसी क्वार्टर में हुआ था. हालांकि वे महू में केवल ढाई साल की उम्र तक रहे और फिर उनके पिता रिटायरमेंट के बाद महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में अपने गांव चले गए.

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इंदौर.संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) का आज जन्मदिन है. लेकिन लॉक डाउन (lockdown) के कारण इस बार उनकी जन्म स्थली महू में कोई आयोजन नहीं हो रहा है. लॉक डाउन के कारण अंबेडकर स्मारक बंद है. स्मारक के व्यवस्थापक और पिछले तीन दशकों से सेवादार रहे मोहन राव वाकोड़े रोज यहां बाबा साहब के अस्थि कलश के पास मोमबत्ती जलाने आते हैं. वो अब भी आ रहे हैं. लेकिन इस बार उन्होंने भी सोशल मीडिया के ज़रिए अनुयायियों से अपील की कि वो अपने घर पर रहकर ही बाबा साहब को श्रद्धा सुमन अर्पित करें.

कोरोना संक्रमण के कारण महू में अंबेडकर जयंती पर हर बार की तरह इस बार भव्य आयोजन नहीं हो पाया. इससे उनके अनुयायियों में निराशा है. हालांकि आज यहां बुद्घ वंदना जरूर हुई जिसमें स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और बाबा साहब स्मारक की देखरेख करने वाले लोग ही शामिल हुए. क्योंकि लॉक डाउन के कारण फिलहाल किसी भी जगह भीड़ जमा नहीं हो सकती थी. हर साल 14 अप्रैल को महू में अंबेडकर स्मारक पर देश विदेश से लाखों लोग इकट्ठा होते थे. इसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद,पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी,अटल बिहारी वाजपेयी,वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी,बसपा नेता कांशीराम,मायावती और कांग्रेस नेता स्व. माधवराव सिंधिया जैसे बड़े नेता शिरकत कर चुके हैं.

महू का नाम अब डॉ.अंबेडकर नगर
अंबेडकर स्मारक की आधारशिला मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने 14 अप्रैल 1991 को रखी थी. ये स्मारक 2008 में बनकर पूरी तरह तैयार हुआ और इसका लोकार्पण लालकृष्ण आडवाणी ने किया था. बौद्घ स्तूप की शक्ल में ये भव्य दो मंजिला संगमरमर की इमारत बनाई गई है जो देश विदेश के लाखों अनुयायियों का श्रद्धा का केन्द्र है. सरकार ने महू का नाम आधिकारिक तौर पर डॉ. आंबेडकर नगर कर दिया है. हर साल 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर एक दिन के आयोजिन के लिए देश विदेश और कई प्रदेशों से उनके अनुयाई लाखों की संख्या में यहां पहुंचते हैं. स्पेशल ट्रेनें चलाईं जाती हैं.प्रशासन लोगों के लिए खाने पीने और रुकने की व्यवस्था करता है. ऐसा पहली बार मौका है जब यहां भव्य आयोजन नहीं हो पाया.
महू में हुआ था अंबेडकर का जन्म


डॉ. अंबेडकर के पिता सूबेदार रामजी सकपाल महार रेजिमेंट में प्रशिक्षक थे. वे यहां कालीपल्टन क्षेत्र में स्टाफ क्वार्टर में रहते थे. बाबा साहेब का जन्म इसी क्वार्टर में हुआ था. हालांकि वे महू में केवल ढाई साल की उम्र तक रहे और फिर उनके पिता रिटायरमेंट के बाद महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में अपने गांव चले गए. जन्मस्थली खोजने का काम सेना में पदस्थ एक ब्रिगेडियर जी एस काले ने 1971 में शुरू किया. बाबा साहेब का जन्मस्थान तो मिल गया, लेकिन सैन्य भूमि होने के कारण काफी प्रयासों के बाद वर्ष 1986 में 22 हजार 500 वर्गफुट की यह जमीन सेना ने स्मारक समिति को लीज पर दी. महू से जाने के बाद डॉ. अंबेडकर केवल एक ही बार यहां आए थे. 1942 में इंदौर में सिविल कास्ट फाउंडेशन की बैठक में आने पर महार समाज के लोगों ने उनसे महू चलने का आग्रह किया था. तब वे कुछ घंटों के लिए महू आए थे.

राष्ट्रपति,पीएम और सीएम ने दी श्रद्धांजलि
अंबेडकर जयंती पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी है.इस मौके पर सभी लोगों ने घर में रहकर ही उन्हें नमन करने की अपील की है.राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी अंबेडकर जयंती पर देशवासियों को संदेश दिया,राष्ट्रपति कोविंद ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा,बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि,हमारे संविधान-शिल्पी डॉक्टर अंबेडकर,न्याय व समता पर आधारित समाज के लिए सदा प्रयत्नशील रहे.आइए,हम सब उनके महान व्यक्तित्व और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए,उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंगलवार सुबह ट्विटर पर एक वीडियो संदेश के जरिए बाबा साहब को नमन किया. उन्होंने लिखा, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयंती पर सभी देशवासियों की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि.इसी के साथ उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया,जिसमें कुछ फुटेज के साथ पीएम मोदी के भाषण का हिस्सा भी है. वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीटर पर बाबा साहब श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि भारत के संविधान के निर्माता,अपने कर्मों और विचारों से समाज को एक नई दिशा देने वाले महापुरूष,गरीबों और दलितों के कल्याण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले मध्यप्रदेश की माटी के लाल स्व.डॉ.भीमराव अंबेडकर जो को जयंतपर सादर नमन.

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