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MP PSC परीक्षा में विवादित सवाल : अधिकारियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 15, 2020, 10:48 PM IST
MP PSC परीक्षा में विवादित सवाल : अधिकारियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज
MP PSC में विवादित सवाल : अधिकारियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज

आरटीआई एक्टिविस्ट (RTI Activist) और जयस नेता डॉ आनंद राय ने मंगलवार को सीएम कमलनाथ (cm kamalnath) से मुलाकात कर इस मामले में कड़ा फैसले लेने की अपील की थी.

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इंदौर. MP PSC की परीक्षा में भील जनजाति पर किए गए विवादित प्रश्न के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की गयी. इस मामले में ये पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर के अजाक थाने में FIR दर्ज कराई गई है. जय आदिवासी युवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर FIR दर्ज करने का आवेदन दिया था.

MP PSC की परीक्षा में भील जनजाति पर किए गए विवादित प्रश्न के मामले में अजाक थाने में एक केस दर्ज किया गया है. अभी MP PSC के सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर केस दर्ज किया गया है. जांच में जो अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा उसी के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी.

विधानसभा में उठेगा मामला
12 जनवरी को हुई FIR की प्रारंभिक परीक्षा में भील समुदाय को आपराधिक जाति का बताने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. जय आदिवासी युवा संगठन इस मामले में आक्रामक मूड में है. उसने पूरे प्रदेश में सड़क पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है. जयस के संरक्षक और कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को चिट्ठी लिखकर 16- 17 जनवरी को होने वाले विधानसभा सत्र में इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है. हीरालाल अलावा का कहना है इससे पूरी भील समुदाय का अपमान हुआ है. इसमें जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

सीएम से मिले थे आनंद राय
आरटीआई एक्टिविस्ट और जयस नेता डॉ आनंद राय ने मंगलवार को सीएम कमलनाथ से मुलाकात कर इस मामले में कड़ा फैसले लेने की अपील की थी. उन्होंने इसके लिए एमपीपीएससी के चेयरमैन भास्कर चौबे और सचिव रेणु पंत को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की थी. सीएम कमलनाथ ने उन्हें मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था.

ये सवाल पूछा गया थाMP PSC की रविवार को हुई परीक्षा में भील जनजाति को लेकर आए गद्यांश में लिखा था कि भील निर्धन जनजाति है. भीलों की आर्थिक विपन्नता का प्रमुख कारण आय से अधिक व्यय करना है. भीलों की आपराधिक प्रवृत्ति का एक प्रमुख कारण यह है कि ये सामान्य आय से अपनी देनदारियां पूरी नहीं कर पाते. इसलिए धनोपार्जन की आशा में गैर वैधानिक और अनैतिक कामों में भी संलिप्त हो जाते हैं.

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First published: January 15, 2020, 9:20 PM IST
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