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एम्बुलेंस नहीं मिली तो मरीज को स्कूटी पर लादकर पहुंचे, MY अस्पताल के गेट पर तोड़ा दम

एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एमवा.य अस्पताल के गेट पर मरीज़ ने तोड़ा दम
एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एमवा.य अस्पताल के गेट पर मरीज़ ने तोड़ा दम

वीडियो (Video) में एक पुरुष तीमारदार आरोप लगा रहा है कि अचानक मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उसे दोपहिया वाहन से क्लॉथ मार्केट हॉस्पिटल ले जाया गया था.

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इंदौर. इंदौर में कथित रूप से वक्त पर इलाज नहीं मिलने के कारण 60 साल के एक शख्स की मौत हो गयी.एंबुलेंस नहीं मिली तो परिवार के लोग उन्हें स्कूटर पर लादकर लाए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. मरीज ने एमवाय अस्पताल के गेट पर दम तोड़ दिया.

इंदौर में कोरोना संक्रमण के दौर में जब पुलिस और स्वास्थ्य सेवा अलर्ट पर हैं एक बुजुर्ग ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया.वो बीमार थे लेकिन उन्हें अस्पताल तक लाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली. परिवार के लोग जैसे-तैसे स्कूटी पर लादकर पहुंचे लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. प्रदेश के सबसे बड़े एम वाय अस्पताल के गेट पर उनकी मौत हो गयी थी.

इंदौर के कमला नेहरू नगर में रहने वाले पांडू राव की कुछ समय से तबियत खराब चल रही थी. परिवार के लोग सोमवार शाम को उसे अरविंदो अस्पताल ले गए. मंगलवार सुबह फिर तबियत बिगड़ी तो परिवार उन्हें लेकर एम.टी. हॉस्पिटल भागा. लेकिन पांडूराव की हालत गंभीर थी इसलिए डॉक्टरों ने एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया.



नहीं मिली एंबुलेंस
पांडू राव की हालत गिरती जा रही थी. परिवार के लोगों के पास उन्हें दूसरे अस्पताल तक ले जाने का कोई साधन नहीं था. उन्होंने एंबुलेंस बुलाने की काफी कोशिश की. लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई. परिवार को जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो वो लोग पांडू को दो पहिया वाहन पर लादकर एमवाय अस्पताल के लिए रवाना हो गए.लेकिन जब तक वो लोग डॉक्टरों के सामने पहुंचते तब तक काफी देर हो चुकी थी. पांडू राव ने एमवाय अस्पताल के दरवाजे पर ही दम तोड़ दिया. स्कूटर पर बैठे-बैठे ही पांडू राव लाश में तब्दील हो चुके थे.

स्कूटर पर लाश
परिवार के लोग काफी देर तक लाश को संभाले स्कूटर पर बैठे रहे. कि कम से कम अब तो शव वाहन मिल जाए तो लाश को घर ले जाया जा सके. एमवाय अस्पताल परिसर में दो पहिया वाहन पर शव के साथ बैठी महिला का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ये तस्वीर काफी झकझोर देने वाली है.

परिवार का आरोप
परिवार का आरोप है कि परमार्थिक अस्पताल के परिसर में एम्बुलेंस खड़ी होने के बावजूद उन्हें देने से  से इंकार कर दिया गया. नतीजतन मजबूरी में मरीज को वहां से दोपहिया वाहन पर ही एमवायएच लाया गया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.

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