घर-घर जाकर तलाशे जाएंगे मरीज, जानिए कोरोना से लड़ने इंदौर कलेक्टर ने क्या बनाया प्लान

मप्र के इंदौर में स्वास्थ्य विभाग का अमला घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेगा. (सांकेतिक तस्वीर)

मप्र के इंदौर में स्वास्थ्य विभाग का अमला घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेगा. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर. यहां सख्त लॉकडाउन लगा दिया गया है. कलेक्टर मनीष सिंह ने कोरोना से लड़ने के लिए नया प्लान बनाया है. अब इंदौर में घर-घर कोरोना के मरीजों की तलाश होगी.

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इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अब घर-घर जाकर कोरोना मरीजों को ढूंढा जाएगा. कलेक्टर मनीष सिंह ने इसके लिए प्लान तैयार कर लिया है. सिंह ने इसके लिए अपर आयुक्त, एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और पूर्व पार्षद मुन्नालाल यादव के साथ चर्चा की.

कलेक्टर ने कहा कि लॉकडाउन के 8 दिनों में आशा कार्यकर्ता कमेटी के साथ घर-घर जाएं और लोगों के स्वास्थय की जानकारी लें. इस दौरान अगर कोई व्यक्ति बीमार मिले तो इसके लिए आरआरटी टीम से बात करें. अगर जरूरत पड़े तो एसडीएम से बात कर मरीज को हॉस्पिटल में या कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराएं.

एक-एक मरीज पर नजर रखनी होगी- कलेक्टर

दरअसल, कलेक्टर ने घटते मरीजों को देखते हुए सख्त लॉकडाउन को जरूरी बताया. वे वार्ड 32 व 34 के स्कीम 78 और गोल्डन पाम सोसायटी में पहुंचे और वार्ड आपदा प्रबंध समिति के सदस्यों से बात की. उन्होंने कहा कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए एक-एक मरीज पर नजर रखनी होगी.
कैलाश विजयवर्गीय ने जताई थी नाराजगी

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय कलेक्टर के उस आदेश के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं, जिसमें उन्होंने शहर में 10 दिन का लॉकडाउन लगा दिया है. विजयवर्गीय ने इसे अलोकतांत्रिक फैसला बताया है. उन्होंने इसके खिलाफ ट्वीट कर नाराजगी जताई. कलेक्टर के इस आदेश के खिलाफ व्यापारी भी लामबंद हो गए हैं.

शहर में लगे सख्त लॉकडाउन के खिलाफ बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर कहा कि इंदौर जैसे शहर के लिए यह निर्णय अलोकतांत्रिक और तानाशाही भरा है. इस पर पुनर्विचार होना चाहिए. जिस निर्णय की सर्वत्र निंदा हो रही हो, उस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर विचार करना चाहिए. कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि इंदौर को प्रयोगशाला समझने वाले अफसरों और नौकरशाहों का रवैया किसी को भी रास नहीं आ रहा है. कलेक्टर के आदेश के खिलाफ व्यापारी भी विरोध में उतर आए.

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