COVID-19 : जर्मनी, ब्राजील, नाइजीरिया के बाद अब इंदौर में कोरोना संदिग्धों की होगी पूल टेस्टिंग
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COVID-19 : जर्मनी, ब्राजील, नाइजीरिया के बाद अब इंदौर में कोरोना संदिग्धों की होगी पूल टेस्टिंग
बिहार में कोरोना के मरीजों की संख्या 7 हजार के पास पहुंच गई है (सांकेतिक चित्र)

दुनिया के कई देशों में पूल टेस्टिंग (Pool testing) की प्रक्रिया काफी सफल रही है इसी को देखते हुए अब इंदौर (indore) में ये प्रयोग किया जा रहा है

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इंदौर. मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कोरोना के सबसे संक्रमित शहरों में शामिल इंदौर में पूल टेस्टिंग (Pool testing) प्रक्रिया अपनायी जाएगी.इसमें एक साथ 5 या उससे ज्यादा कोरोना संदिग्ध मरीजों के नाक और गले का स्वाब मिक्स कर एक ही सैंपल बनाया जाता है फिर उसी पूरे सैंपल की जांच होती है. यदि ये सैंपल निगेटिव निकलता है तो मान लिया जाता है सभी लोग निगेटिव हैं. यदि सैंपल पॉजिटिव निकलता है तो बारी बारी से सभी का कोरोना टेस्ट (corona test) किया जाता है. पूल टेस्टिंग में कोरोना की जांच तेजी से की जा सकती है.

2 फीसदी संक्रमण दर वाले शहरों में हो प्रयोग 
दुनिया के कई देशों में पूल सैंपलिंग की प्रक्रिया काफी सफल रही है इसी को देखते हुए अब इंदौर में ये प्रयोग किया जा रहा है.मध्यप्रदेश सरकार की कोविड 19 सलाहकार समिति के सदस्य डॉक्टर निशांत खरे का कहना है टेस्टिंग का दायरा बढ़ाने के लिए पूल टेस्टिंग पद्धति अपनाई जाती है. इससे एक ही सैंपल से कई लोगों की जांच हो जाती है. इसका उपयोग वहीं पर किया जाना चाहिए जहां संक्रमण की दर 2 फीसदी तक है. वे कहते हैं कि इंदौर से पूल टेस्टिंग की शुरूआत की जा रही है. लेकिन जहां पर भी संक्रमण की दर दो फीसदी से कम है वहां पूल टेस्टिंग की शुरूआत की जानी चाहिए.

इंदौर के लिए कारगर पूल टेस्टिंग
इंदौर में कोरोना के संक्रमण की दर में आ रही कमी और सैंपलिंग की नई पद्धति को लेकर सांसद शंकर लालवानी का कहना है पूल टेस्टिंग में ज्यादा सैंपल की जांच होगी. इसका फायदा ये है कि जल्दी जांच हो जाएगी,इससे एक ही परिवार के लोगों की एक साथ सैंपलिंग की जा सकेगी और उनकी एक साथ रिपोर्ट भी आ जाएगी जिससे मरीजों के उपचार मे आसानी होगी.पूल टेस्टिंग से इंदौर जैसे बड़े शहर में बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है. इसके जरिए कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों के सैंपल की जांच हो पाएगी जिससे संक्रमितों की सही संख्या का पता लग जाएगा और उनका समय पर इलाज भी हो सकेगा.


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