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COVID-19: कोरोना से जिंदगी की जंग हारने वाले डॉ.ओमप्रकाश निजी क्लीनिक के माध्यम से कर रहे थे जनसेवा

डॉक्टर ओमप्रकाश चौहान

डॉक्टर ओमप्रकाश चौहान

डॉक्टर ओमप्रकाश चौहान पिछले काफी समय से अपने प्राइवेट क्लिनिक (Private Clinic) में आसपास की कॉलोनियों के रहवासियों का इ ...अधिक पढ़ें

इंदौर. विश्वव्यापी महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण देश में सबसे ज्यादा मौतें मध्य प्रदेश के मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर (Indore) में हो रही हैं. यहां कोरोना से मौत का प्रतिशत 12 फीसदी से ज्यादा है. जबकि देश में ये आंकड़ा 3.5 फीसदी के करीब है. इंदौर में कोरोना की महामारी जान बचाने वाले डॉक्टरों को भी अपना शिकार बना रही है. एमबीबीएस डॉक्टर शत्रुघन पंजवानी की मौत के दूसरे दिन आयुष डॉक्टर ओमप्रकाश की चौहान की शुक्रवार को कोरोना से मौत हो गई. वैश्विक महामारी के बीच ये डॉक्टर क्लिनिक के माध्यम से लोगों की सेवा कर रहे थे.

इंदौर की ब्रह्मबाग कॉलोनी में कई सालों से रह रहे डॉक्टर ओमप्रकाश चौहान पिछले काफी समय से अपने प्राइवेट क्लिनिक में आसपास की कॉलोनियों के रहवासियों का इलाज कर रहे थे. वे 65 साल की उम्र में भी एकदम फिट थे. उन्हें पता ही नहीं चला कि कब कोरोना ने उनको अपनी जद में ले लिया है. शुरुआती दौर में उन्होंने गले में खराश और बुखार का इलाज घर में किया लेकिन ठीक न होने चलते उन्हें सबसे पहले सुयश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां वे सात दिनों तक भर्ती रहे. लेकिन लगातार इलाज के बाद भी जब उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ और उनकी स्थिति ज्यादा खराब होती चली गई तब डॉक्टर चौहान को अरविन्दो अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां पर शुक्रवार को उपचार के दौरान उनकी मौत गई. डॉ. ओमप्रकाश चौहान की तीन दिन पहले ही कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई थी. बताया जा रहा है कि डॉ. ओमप्रकाश चौहान डायबिटीज के पहले से ही मरीज थे और लॉकडाउन के बाद भी निजी क्लिनिक चला रहे थे इसी दौरान वे कोरोना से संक्रमित हो गए थे.

20 जनवरी से अर्जित अवकाश पर थे डॉ. ओमप्रकाश चौहान
इंदौर से 60 किलोमीटर दूर धार जिले में पदस्थ डॉक्टर ओमप्रकाश चौहान आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी और पूर्व प्रभारी जिला आयुष अधिकारी धार में पदस्थ रहे हैं. वे शासकीय आर्युवेद औषद्यालय में धार में पदस्थ थे लेकिन वो 2015 -2016 से ही चिकित्सीय कार्य नहीं कर रहे थे. विभाग ने उन्हें कोर्ट संपर्क अधिकारी का कार्य सौंपा था. उसके बावजूद वे 20 जनवरी 2020 से अर्जित अवकाश पर थे. अवकाश काल में डॉ. ओम प्रकाश चौहान अपने घर 34,ब्रम्हाबाग कॉलोनी इंदौर में रह रहे थे. यहीं पर उनका क्लीनिक था वो रोज सुबह शाम मरीजों को देखा करते थे. ऐसा कहा जा रहा है कि इसी दौरान किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में वो आ गए और वे भी संक्रमित हो गए. उनके परिजनों ने फोन पर जिला आयुष कार्यालय धार को 7 अप्रैल 2020 को कोरोना-19 से ग्रसित होने की सूचना दी थी और 10 अप्रैल 2020 को दोबारा उनके परिजनों के मौत की सूचना कार्यालय को दी. उनकी मृत्यु इंदौर के अरविन्दो अस्पताल में हो गई है.

इंदौर में डॉक्टर की दूसरी मौत
कोरोना महामारी की वजह से इंदौर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है. प्रदेश में दूसरी बार किसी डॉक्टर की मौत कोरोना की वजह से हुई है इससे पहले गुरुवार को 62 साल के जनरल फिजिशियन डॉक्टर शत्रुघ्न पंजवानी की मौत हो गई थी. डॉक्टर की मौत के बाद इंदौर में स्वास्थ्यकर्मी और एहतियात बरत रहे हैं कोरोना पीड़ितों के इलाज में लगे डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ का प्रशासन विशेष ख्याल रख रहा है,अपने क्लीनिकों पर इलाज कर रहे निजी चिकित्सकों को भी स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं.

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Tags: Coronavirus in India, COVID 19, Death, Doctor, Indore news, Madhya pradesh news

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