इंदौर में Corona पॉजिटिव महिला ने बेटी को जन्म दिया, नाम रखा सैनेटाइजर
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इंदौर में Corona पॉजिटिव महिला ने बेटी को जन्म दिया, नाम रखा सैनेटाइजर
मां ने अपनी बेटी का नाम सैनिटाइज रखा है.

इंदौर (Indore) के अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव (COVID-19 Positive) मां और पिता की बच्ची का जन्म के बाद किया गया नामकरण. नवजात और मां दोनों स्वस्थ हैं. घर के एक सदस्य की भी कोरोना संक्रमण से हो चुकी है मौत.

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इंदौर. कोरोना संकट (Coronavirus) के बीच इंदौर (Indore) शहर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में एक महिला ने बेटी को जन्म दिया है. ताउम्र याद रखने के लिए मां ने प्यार से अपने बच्चे का नाम सैनेटाइजर रख दिया. मां और पिता को भी कोरोना संक्रमण हो गया था. स्वस्थ होने के बाद सभी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया. बेटी के जन्म के बाद अस्पताल के वार्ड में भर्ती दूसरे मरीज और खुद स्टाफ भी बच्ची को मां के इसी पसंदीदा नाम से पुकारने लगे. सैनेटाइजर (Sanitizer) नाम वाली ये बच्ची पूरे अस्पताल में फेमस हो गई.

कोरोनाकाल में बेटी ने दी खुशी

इंदौर के जूना रिसाला इलाके में रहने वाली महिला भारती जब अपने पति और बड़ी बेटी के साथ सात दिनों की नवजात को लेकर अपने घर के लिए रवाना हुई तो उसी खुशी का ठिकाना नहीं था. भारती बताती हैं कि बड़ी बेटी का नाम अनामिका है. मेरी इच्छा थी कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए आरक्षित रेड कैटेगरी के अस्पताल इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में बेटी का जन्म होने के बाद उसका नाम सैनेटाइजर रखूं. भारती के मुताबिक बच्ची के पिता इसके लिए राजी नहीं थे, लेकिन उन्होंने मेरी इच्छाओं का सम्मान करते हुए बेटी का यह नाम रखने पर सहमति दे दी. फिर क्या था, पूरा अस्पताल ही उसे सैनेटाइजर कहकर बुलाने लगा.



दादा से नहीं मिल पाई पोती 
भारती बताती हैं कि उन्हें इस बात का बहुत दुख है कि उनकी बेटी अपने दादा से नहीं मिल पाएगी, क्योंकि कोरोना से उनकी पहले ही मौत हो चुकी है. उनका कहना है कि 5 मई को ससुर की तबीयत खराब थी. जांच कराने पर उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकली. उस समय मेरा प्रसव काल भी नजदीक था. 15 मई को ससुर की मौत हो गई. परिवार के सभी सदस्य पॉजिटिव निकलने के बाद इंडेक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. बाद में सभी सदस्य स्वस्थ होकर अपने घर पहुंचे. कोरोना वायरस के कारण ऐसे कई परिवार हैं जिन्होंने अपने परिवार के एक या दो से भी अधिक सदस्यों को खो दिया है. ये उनकी जिंदगी का भयावह हिस्सा हमेशा के लिए याद बन चुका है.

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