Assembly Banner 2021

Covid-19 Update: इंदौर में कोरोना बेकाबू, फिर मिले 165 नए मरीज, हर चौथे आदमी की हुई संक्रमण जांच

कोरोना संक्रमण ने इंदौर प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं.

कोरोना संक्रमण ने इंदौर प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं.

इंदौर में कोरोना करीब-करीब बेकाबू हो गया है. प्रशासन रोकथाम के प्रयास कर रहा है, लेकिन उतनी सफलत नहीं मिल रही जितनी मिलनी चाहिए. कलेक्टरों को जरूरी कार्रवाई के लिए निर्देश दे दिए गए हैं.

  • Last Updated: February 28, 2021, 3:17 PM IST
  • Share this:
इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कोरोना की रफ्तार इतनी बढ़ गई है कि उसके बेकाबू होने का डर सताने लगा है. पिछले 24 घंटों में यहां 165 पॉजिटिव मरीज मिले हैं. शहर का हर चौथा मरीज कोरोना की जांच से गुजर चुका है. स्वास्थ्य विभाग ने इंदौर में पिछले 24 घंटे में 1913 संदिग्ध मरीजों की जांच की. इसमें से 165 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 24 घंटों में हुई जांच में 1702 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई. अब प्रदेश की आर्थिक राजधानी में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 954 पर पहुंच गई और कोरोना की संक्रमण दर 8.75 फीसदी पहुंच गई है.

अभी तक सामने आ चुके 59617 संक्रमित मरीज



स्वास्थ्य विभाग ने ये जानकारी देकर कान खड़े कर दिए हैं कि करीब 40 लाख की आबादी वाले इंदौर जिले में हर चौथा व्यक्ति कोविड 19 की जांच की प्रक्रिया से गुजर चुका है. गौरतलब है कि कोरोना ने इंदौर में मार्च 2020 के आखिरी में दस्तक दी थी. तब से लेकर अब तक यहां के 26 फीसदी यानि 832152 संदिग्धों के सैंपल की जांच की गई. इन जांचे गए सैंपल्स में 7.16 फीसदी की औसत संक्रमण दर से 59617 संक्रमित मरीज अब तक सामने आ चुके हैं.
कोरोना की रफ्तार पर अंकुश मुश्किल

इन संक्रमित मरीजों के इलाज के बाद रिकवरी रेट 96.83 फीसदी हो गया. इस हिसाब से 57730  लोग स्वस्थ हो चुके हैं. आंकड़ों के हिसाब मृत्यु दर 1.56 फीसदी रही और 933 लोगों की कोरोना से जान चली गई. बताया जाता है कि तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीजों ने सभी की चिंता बढ़ा दी है. स्वास्थ्य विभाग कोरोना कंट्रोल के लिए आवश्यक उपाय करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कोरोना की गति नियंत्रित नहीं हो पा रही.

कलेक्टरों को मिले ये निर्देश

संभाग के कमिश्नर डॉ.पवन शर्मा ने बताया कि वर्तमान में लगभग सवा सौ से लेकर ड़ेढ सौ मरीज प्रतिदिन सामने आ रहे हैं. ऐसे में सभी जिलों के कलेक्टरों को सजग निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. कलेक्टरों को कहा गया है कि अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड और आईसीयू की पर्याप्त व्यवस्था रखें, धर्मस्थलों, भीड़ भरे इलाकों पर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का प्रभावी पालन कराएं, अस्पतालों में टेस्टिंग की संख्या बढ़ाएं और लोगों के बीच जन जागरूकता अभियान भी चलाएं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज