रद्द हुआ देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का सीईटी, ठगा महसूस कर रहे 17 हजार छात्र

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) रद कर दिया है. दाखिला के लिए करीब 16 हजार विद्यार्थी परीक्षा दे चुके थे और सिर्फ 1200 आवेदकों की परीक्षा होनी थी. विश्वविद्यालय के इस कदम से दाखिला चाहने वाले 17 हजार छात्र ठगे महसूस कर रहे हैं.

Satlaj Rahat | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 18, 2019, 9:15 AM IST
Satlaj Rahat | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 18, 2019, 9:15 AM IST
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और एजुकेशन हब इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सीईटी यानी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट निरस्त (रद्द) कर दी है. यूनिवर्सिटी ने ये फैसला 24 दिन के बाद अब जाकर लिया है. सीईटी परीक्षा में आवदेन करने वाले सभी 17 हज़ार छात्रों का एडमिशन अब मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा और सीईटी कराने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा. इसके साथ ही इस कंपनी के खिलाफ अब पुलिसिया कार्रवाई भी होगी.

दाखिले के लिए आवेदन करने वाले 17 हजार छात्र-छात्राओं की सारी कवायद हुई बेकार


देवी अहिल्या विश्व विद्यालय इंदौर में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत के पहले कदम में कॉमन इंट्रेस्ट टेस्ट (सीईटी) की परीक्षाओं का एलान होते ही 17 हजार छात्रों ने सीईटी के लिए आवेदन दिए थे, जिसमें से 16 हजार की परीक्षा कराई जा चुकी थी, जबकि परीक्षा के ऐन वक्त पर तकनीकी दिक्कतों के चलते ग्रुप बी-2 की परीक्षा स्थगित कर दी गई थी. इन ग्रुप के 1100 विद्यार्थियों की परीक्षा अभी होनी थी.

ग्रेजुएशन की मेरिट के आधार पर  मिलेगा एडमिशन

अब ये बचे हुए छात्रों को दोबारा सीईटी की परीक्षा अब दोबारा न कराकर 12वीं और ग्रेजुएशन की मेरिट को आधार बनाकर सभी छात्रों को एडमिशन दिया जाएगा. सीईटी में ऐसे कई छात्र भी थे, जिन्होंने परीक्षा देने के लिए तीन महीने पहले से कोचिंग तक ज्वाइन की थी, उन छात्रों के साथ नाइंसाफी हो रही है. यूनिवर्सिटी में कुलपति की नियुक्ति में हो रही देरी के चलते भी सीईटी में फैसला लेने में इतना समय लगा.

17 हजार छात्रों का भविष्य संकट में 

रजिस्ट्रार ने विभागाध्यक्षों के साथ चर्चा कर यह निर्णय लिया है. हालांकि यूनिवर्सिटी के इस निर्णय के साथ ही 17 हजार छात्रों का भविष्य संकट में आ गया है. पूरा सिस्टम सवाल के घेरे में आ सकता है, क्योंकि जिन छात्रों के 12वीं में अंक कम थे, उन्हें सीईटी परीक्षा के माध्यम से कॉलेज में एडमिशन की उम्मीद थी. अब उन सभी छात्रों को निराशा हाथ लगी है. सीईटी कराने वाली न्यासा कंपनी पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन एफआईआर भी दर्ज करवाएगा और ब्लैक लिस्टेड भी किया जाएगा.
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परीक्षा विफल साबित हुई थी

23 जून को हुई ऑनलाइन सीईटी परीक्षा दो घंटे देरी से हो पाई थी और 1100 विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे सके थे. यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अनिल शर्मा का कहना है कि विभागाध्यक्ष ऑर्डिनेंस 14 के तहत एडमिशन संबंधी प्रक्रिया पर निर्णय ले सकते हैं और इसको ध्यान में रखते हुए सीईटी निरस्त करने का फैसला लिया गया है. अब शुक्रवार-शनिवार से छात्रों को मेरिट के आधार पर एडमिशन दिए जाएंगे. अगस्त से छात्रों की कक्षाएं लगनी शुरू हो जाएंगी. गौरतलब है सीईटी को आधार बनाकर सरकार ने 24 जून को कुलपति नरेंद्र धाकड़ को धारा- 52 लगाकर बर्खास्त किया है और अब तक कुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी है.

डीएवीवी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अनिल शर्मा ने दी दाखिला की नई प्रक्रिया की जानकारी


अब सीधे मेरिट के आधार पर यूनिवर्सिटी में प्रवेश होगा. अब शुक्रवार-शनिवार से छात्रों को मेरिट के आधार पर एडमिशन दिए जाएंगे और अगस्त से छात्रों की कक्षाएं लगनी शुरू हो जाएंगी.

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First published: July 17, 2019, 7:33 PM IST
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