रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर रहे आरोपी निकले फर्ज़ी डॉक्टर, कोविड का करते थे इलाज

इस मेडिकल स्टोर के पीछे झोलाछाप डॉक्टर का क्लीनिक था.

इस मेडिकल स्टोर के पीछे झोलाछाप डॉक्टर का क्लीनिक था.

Indore. पकड़े गए आरोपी अमन, राकेश और शाहरुख ने धरमपुरी में किराये का एक हॉल ले रखा था. उसे अस्पताल बनाकर वहां मरीज़ों का इलाज किया जा रहा था. यहीं कई पलंग लगाकर कोविड मरीज़ भी भर्ती कर रखे थे.

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इंदौर. रेमडेसिविर की कालाबाज़ारी (Black marketing) पकड़ी जाने के बाद इससे जुड़े और भी कई नये मामले सामने आ रहे हैं. अब पता चला है कि सांवेर के धरमपुरी इलाके में फेक डॉक्टर कोविड सहित कई गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहा था. वो मरीज़ देखने इंदौर भी जाता था.

इंदौर क्राइम ब्रांच ने हाल ही में सांवेर तहसील के धरमपुरी गांव में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाज़ारी करते तीन आरोपियों को पकड़ा था. इनसे 4 इंजेक्शन ज़ब्त किये गए थे. पूछताछ में पता चला था कि इनमें से एक बीएएमएस डॉक्टर है जो गांव गांव घूमकर कोविड 19 सहित कई बीमारियों का इलाज कर रहा था.

फेक डॉक्टर के अस्पताल में इलाज

पकड़े गए आरोपी अमन, राकेश और शाहरुख ने धरमपुरी में किराये का एक हॉल ले रखा था. उसे अस्पताल बनाकर वहां मरीज़ों का इलाज किया जा रहा था. यहीं कई पलंग लगाकर कोविड मरीज़ भी भर्ती कर रखे थे. मरीज़ों का एक्स रे से लेकर ग्लूकोज की बोतलें तक बेधड़क चढ़ायी जा रही थीं. सांवेर तहसील के देपालपुर, सांवेर, गौतमपुरा सहित इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र के अस्पतालों में भी ये मरीज़ देखने जाते थे. आरोपियों ने जो अस्पताल खोल रखा था उसके बाहरी हिस्से में मेडिकल स्टोर था. मरीज़ों को वहीं से दवा खरीदने के लिए बोला जाता था.

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NSA लगाने की तैयारी

आरोपियों से रेमडेसिविर के 4 इंजेक्शन मिले थे. जिन्हें ये तीनों आरोपी अमन, राकेश और शाहरुख 30 हजार रुपए में बेचने के लिए कार से घूम रहे थे. क्राइम ब्रांच अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर 417 रेमडेसिविर इंजेक्शन जब्त कर चुकी है. मेडिकल स्टोर सील कर आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

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