इंदौर में corona से जंग लड़ेंगे फीवर क्लीनिक, संदिग्धों को मिलेगा तत्काल उपचार

इंदौर में खोले जाएंगे फीवर क्लीनिक (फाइल फोटो)
इंदौर में खोले जाएंगे फीवर क्लीनिक (फाइल फोटो)

इंदौर (Indore) में कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में अब सभी प्राइवेट डॉक्टर्स भी अपना सहयोग देंगे. पिछले दो महीने से बंद सभी प्राइवेट क्लीनिक शनिवार से शुरू करा दिए गए हैं.

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इंदौर. मध्य प्रदेश के मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर (Indore) में कोरोना मरीजों (Corona Patients) की बढ़ती संख्या रोकने और इस महामारी से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने फीवर क्लीनिक खोलने की योजना तैयार की है, जिससे कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर लगाम लगाई जा सके. ये फीवर क्लीनिक शहर के सभी जोन में खोले जाएंगे जिनमें डॉक्टर सर्दी, खांसी, बुखार समेत सामान्य बीमारियों के मरीजों की जांच करेंगे और यदि किसी मरीज में कोरोना के लक्षण दिखाई देगें तो फीवर क्लीनिक में ही उनका उपचार किया जाएगा. जिला कलेक्टर मनीष सिंह के मुताबिक फीवर क्लीनिक के माध्यम से कोरोना वायरस संदिग्ध की जांच भी हो जाएगी और तत्काल उपचार भी मिल सकेगा. इससे अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और जांच हो पाएगी जिससे कोरोना की बढ़ती संख्या पर काबू पाया जा सकेगा. इंदौर में शहर में फिलहाल 20 फीवर क्लिनिक खोले जा रहे है तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 25 फीवर क्लिनिक खोले जाएंगे.

अगले 15 दिन में करीब 5 हजार भर्तियां
इंदौर में जिस तेजी से संक्रमण फैल रहा है उसको काबू करने के लिए मेडिकल स्टॉफ की आवश्यक्ता है. स्वास्थ्य विभाग अभी कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है इसी कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में अलग-अलग पदों पर भर्ती भी की जा रही है जिसमें 867 मेडिकल ऑफिसर, 851 आयुष एमओ, 143 स्टाफ नर्स, 432 पैरामेडिकल फार्मासिस्ट एवं लैब टेक्नीशियन, 200 एएनएम, 350 वार्ड बॉय, 932 सिक्योरिटी स्टाफ और 888 सफाई स्टाफ की भर्तियां अगले 15 दिन में की जा रही हैं.

दूसरे जिलों से बुलाया स्टाफ
इंदौर में स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी को देखते हुए राज्य के दूसरे जिलों से मेडिकल स्टाफ को इंदौर में ड्यूटी के लिए बुलाया गया है. हालांकि अभी शहर में प्रशासन, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर निगम के भी करीब 30 से 35 हजार कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं. लेकिन 35 लाख की जनसंख्या वाले शहर के लिए ये स्टॉफ नाकाफी साबित हो रहा है.



2 महीने बाद खुले प्राइवेट क्लीनिक
इंदौर में कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में अब सभी प्राइवेट डॉक्टर्स भी अपना सहयोग देंगे. पिछले दो महीने से बंद सभी प्राइवेट क्लीनिक शनिवार से शुरू करा दिए गए हैं. कलेक्टर मनीष सिंह ने सभी निजी डॉक्टरों से चर्चा कर सभी एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, यूनानी चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वाले क्लीनिक खोलने के आदेश दिए हैं. उन्होंने सभी डॉक्टरों से कहा कि वे अपने-अपने क्लीनिकों में सेनेटाइजेशन की समुचित व्यवस्था रखें. क्लीनिक को प्रतिदिन सेनेटाइज करें. क्लीनिक में आने वाले मरीजों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाएं. क्लीनिक में यथा संभव फोन पर अपॉइनमेंट लेने वाले मरीजों को प्राथमिकता से देखें. एक समय में चार से अधिक मरीजों को एकत्र नहीं होने दें।क्लीनिक में आने वाले सभी मरीजों का थर्मल गन से तापमान लें. साथ ही ऑक्सीमीटर से उनका ऑक्सीजन लेवल भी देखें. सभी चिकित्सक अपनी और अपने स्टॉफ की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के एप पर रजिस्टर्ड कराएं,जिससे कि उन्हें प्रधानमंत्री कोविड बीमा योजना के तहत शामिल किया जा सके.

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