इंदौर : नगर निगम की बजट बैठक में कांग्रेस पार्षद का हंगामा, जमकर चले लात-घूसे

पानी की समस्या को लेकर पहुंचे पार्षद पति चिंटू चौकसे ने पहले परिसर में हंमागा कर कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी की. इसके बाद बजट सत्र शुरू हुआ तो सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ जबरन सदन में घुस गए और रोकने पर हाथापाई पर उतर आए.

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 14, 2019, 8:45 AM IST
इंदौर : नगर निगम की बजट बैठक में कांग्रेस पार्षद का हंगामा, जमकर चले लात-घूसे
इंदौर नगर निगम (फाइल फोटो)
Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 14, 2019, 8:45 AM IST
इंदौर नगर निगम की बजट बैठक के दौरान जमकर लात घूसे चले. पानी की समस्या को लेकर पहुंचे पार्षद पति चिंटू चौकसे ने पहले परिसर में हंमागा कर कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी की. इसके बाद बजट सत्र शुरू हुआ तो सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ जबरन सदन में घुस गए और रोकने पर हाथापाई पर उतर आए. हंगामे और धक्कामुक्की के बाद महापौर, सांसद, विधायक और बीजेपी पार्षदों ने लसूड़िया थाने पहुंचकर तीन घंटे तक हंगामा किया और पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया.

महापौर मालिनी गौड ने बुधवार को इंदौर नगर निगम में अपना पांचवा और आखिरी बजट पेश किया था. इस बजट को आज चर्चा के बाद पारित किया जाना था. बजट पर चर्चा के लिए सभी पार्षद और एमआईसी सदस्य सदन पहुंचे थे. इसके पहले पानी की समस्या को लेकर सुबह से ही पूर्व पार्षद और वर्तमान पार्षद पति चिंटू चौकसे दो सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ हंगामा कर रहे थे. वे निगम के साथ ही नर्मदा प्रोजेक्ट के अधीक्षण यंत्री हरभजन सिंह को हटाने की मांग कर रहे थे. बजट पर जैसे ही चर्चा शुरू हुई चौकसे सभी कार्यकर्ताओं के साथ जबरन सदन में घुस गए. सभापति के मना करने के बाद भी वे बीजेपी और निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपशब्द का प्रयोग करते रहे. मामला बिगड़ता देख पार्षद सुधीर देड़गे कार्यकर्ताओं को बाहर जाने का कहने लगे तो उनके साथ हाथापाई की गई.



बीजेपी-कांग्रेस पार्षद आमने-सामने

करीब आधे घंटे तक सदन में हंगामा होता रहा. कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि निगम शहर को पानी नहीं दे पा रहा है और यहां लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं. आपत्ति के बाद सभी को वहां से हटाया गया. इस बीच काफी देर तक बीजेपी और कांग्रेस के पार्षद आमने-सामने आकर नारेबाजी करते रहे. बैठक में शामिल होने पहुंचे बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री महेंद्र हार्डिया ने कांग्रेसियों के इस प्रकार के प्रदर्शन को इतिहास का काला दिवस बताते हुए कहा कि ये बहुत ही शर्मनाक है.

सांसद शंकर लालवानी ने बताया काला दिन

वहीं सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि सदन में जो हुआ वो बहुत ही शर्मनाक है. सभी को सदन की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए. इसी सदन में लंबे समय तक काम करने के बाद मैं उपरी सदन में पहुंचा हूं. एक पार्षद को यदि कोई समस्या है तो निगम या अन्य स्थान पर प्रदर्शन कर सकता है,लेकिन बजट सत्र के दौरान इन प्रकार की कांग्रेसियों की हरकत बहुत ही निंदनीय है.

एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी
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बैठक में हुए हंगामे के बाद महापौर मालिनी गौड़ ने आरोप लगाए कि बजट सत्र के दौरान अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. वे कांग्रेस सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं सैकड़ों कांग्रेसी सदन में घुस आए और बीजेपी के पार्षदों और एमआईसी सदस्यों के साथ हाथापाई की. उन्होंने धारा 144 का उल्लंघन किया है. महापौर मालिनी गौड़ एफआईआर दर्ज करवाने लसूड़िया थाने पहुंची जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की. जिसके बाद मेयर थाने में ही धरने पर बैठ गई. साथ ही बीजेपी पार्षदों जमकर नारेबाजी की और वे भी धरने पर बैठ गए. करीब तीन घंटे तक थाने पर हंगामा चलता रहा उसके बाद एफआईआर दर्ज हो पाई.

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