सुषमा स्वराज के प्रयास से ही अपने वतन लौटी थी 'हिंदुस्तान की बेटी' गीता

पाकिस्तान से आई मूकबधिर गीता को इंदौर लाने में सुषमा स्वराज ने अहम भूमिका निभाई थी. गीता 10 साल से भी ज्‍यादा समय तक पाकिस्‍तान में रही थी.

Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 7, 2019, 10:26 AM IST
Arun Kumar Trivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 7, 2019, 10:26 AM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पहले कार्यकाल में सुषमा स्‍वराज ने विदेश मंत्री का पद संभालते हुए गहरी छाप छोड़ी थी. पाकिस्तान से आई मूकबधिर गीता को इंदौर लाने में सुषमा स्वराज की अहम भूमिका रही थी. गीता के आलावा उन्‍होंने संकट में फंसे न सिर्फ भारतीयों की मदद की, बल्कि विदेशी नागरिकों के लिए भी सामने आईं.

इंदौर आने पर गीता से करती थीं मुलाकात

बता दें कि गीता इंदौर की जिस डेफ बायलिंग्वल अकादमी में रहती हैं. उसकी संचालिका मोनिका पंजाबी ने बताया कि गीता को अब तक ये दुखद खबर नहीं बताई गई. उसके लिए ये बहुत बड़ा सदमा होगा जब भी सुषमा स्वराज इंदौर आती थीं, गीता उनसे मिलती थी. साथ ही उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज उनकी मां और उनके परिवार को काफी सम्मान देती थीं.

गीता के लिए मां से कम नहीं थीं सुषमा (फाइल फोटो)
गीता के लिए मां से कम नहीं थीं सुषमा स्वराज (फाइल फोटो)


सुषमा स्वराज के प्रयासों से भारत आई गीता

सुषमा स्‍वराज की पहल पर ही राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियों ने गीता के माता-पिता की तलाश शुरू की थी. वह जब भी इंदौर आतीं गीता से जरूर मुलाकात करती थीं. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के प्रयासों के बाद गीता 28 अक्टूबर 2015 को पाकिस्तान से भारत आई थी. कराची में ईधी फाउंडेशन गीता की देखभाल कर रही थी.

सुषमा स्वराज के प्रयास से ही भारत लौटी थी गीता
सुषमा स्वराज के प्रयास से ही भारत लौटी थी गीता (फाइल फोटो)

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गीता ने 10 साल से ज्यादा पाकिस्तान में गुजारे

गीता जब महज 10-11 साल की थी, तब भटककर पाकिस्‍तान जा पहुंची थी. भारत पाकिस्तान सीमा के पास पाकिस्तान रेंजर्स को मिलीं थीं. इसके बाद उन्होंने दस साल से ज़्यादा पाकिस्तान में गुज़ारे. पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग ने जब गीता की जानकारी विदेश मंत्रालय को दी तो सुषमा स्वराज ने फौरन गीता को भारत लाने की के लिए सभी औपचारिकता पूरी करने को कहा.

गीता को 'हिंदुस्तान की बेटी' का दिया नाम

गीता के भारत लौटने के बाद प्रेस कांफ्रेंस कर सुषमा स्वराज ने उन्हें 'हिंदुस्तान की बेटी' कहा था. बताया जा रहा है पिछले साल जब सुषमा स्वराज इंदौर आईं थी तो उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि गीता भारत की बेटी है, इसे पाकिस्तान नहीं भेजेंगे, चाहे इसका परिवार मिले या न मिले अब ये शादी लायक हो गई है, इसलिए इसके लिए लड़का वह खुद ढूंढेंगी

सुषमा स्वराज ने गीता को दिया था हिंदुस्तान की बेटी का नाम (फाइल फोटो)
सुषमा स्वराज ने गीता को दिया था हिंदुस्तान की बेटी का नाम (फाइल फोटो)


शादी की जिम्मेदारी उठाने की कही थी बात

स्वराज के ये कहने के बाद कई युवाओं ने गीता से शादी करने की इच्छा जताई थी. सुषमा ने अपील करते हुए कहा था कि जो भी गीता के मां बाप हों सामने आएं. उन्होंने कहा था कि मैं इस बेटी को बोझ नहीं बनने दूंगी. इसकी शादी, पढ़ाई की सारी जिम्मेदारी वो उठाएंगी. विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्‍वराज ने गीता के परिजनों से मिलाने की भी खूब कोशिश की, लेकिन उनका अभी तक कोई पता नहीं चल सका.

गीता के परिजनों को ढूंढने के लिए रखा था इनाम

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गीता को उसके माता-पिता से मिलवाने में सहयोग करने के लिए एक लाख रुपए इनाम की घोषणा भी की थी, जिसके बाद सुषमा ने कहा था कि किसी लड़की को उसके माता-पिता से मिलवाने से बेहतर काम कुछ नहीं हो सकता.

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First published: August 7, 2019, 9:55 AM IST
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