इंदौर में 594 बिस्तरों का अस्थायी अस्पताल , ट्रायल आज से, रामायण-IPL देख सकेंगे मरीज

रोजा रखते हुए 4 माह की गर्भवती नर्स कर रही कोरोना मरीजों का इलाज. (सांकेतिक फोटो)

रोजा रखते हुए 4 माह की गर्भवती नर्स कर रही कोरोना मरीजों का इलाज. (सांकेतिक फोटो)

Indore Corona News: कोरोना से लड़ाई के लिए इंदौर में 594 बेड का अस्थायी बनाया गया है. यह अस्पताल राधा स्वामी सत्संग की जमीन पर बना है. यहां मरीज टीवी पर रामायण और आईपीएल का आनंद उठा सकेंगे.

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  • Last Updated: April 21, 2021, 7:17 AM IST
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इंदौर. राधा स्वामी सत्संग की 45 एकड़ जमीन पर 594 बेड का अस्थायी हॉस्पिटल बनकर तैयार हो गया है. इसका ट्रायल बुधवार से शुरू होगा. यहां लोगों के मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है. कोविड केयर सेंटर के व्यवस्था प्रभारी डॉ. निशांत खरे ने बताया कि इस अस्थायी हॉस्पिटल को देवी अहिल्या बाई का नाम दिया गया है. यहां मरीजों की सुविधा को देखते हुए एक लैब भी तैयार की जा रही है. इसमें RTPCR जांच को छोड़कर सभी जांचें की जा सकेंगी. यहां मरीजों को भेजने से पहले रैपिड रिस्पांस टीम उनकी स्क्रीनिंग करेगी. यहां वे ही मरीज भर्ती होंगे जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होगी.

इस अस्थायी अस्पताल में मरीजों के मनोरंजन के लिए 10 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं. इन पर रामायण, महाभारत और IPL जैसे प्रोग्राम का प्रसारण होगा. यहां 2.5 करोड़ रुपए की लागत से लगने वाले 2 ऑक्सीजन प्लांट का काम भी शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि यहां लगने वाले 2 ऑक्सीजन प्लांटों से लगभग 900 लीटर प्रति घंटा ऑक्सीजन उपलब्ध होगी.

निजी अस्पतालों को कम मिले रेमडेसिविर इंजेक्शन

मंगलवार को एक बार फिर 14 हजार 976 रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप आई, लेकिन इंदौर के निजी अस्पतालों में भर्ती तीन हजार से ज्यादा गंभीर मरीजों के कोटे में केवल 594 इंजेक्शन ही आए. वहीं स्टॉकिस्ट ने 120 इंजेक्शन और उपलब्ध कराए, जिसके बाद इन मरीजों को रात को कुल 714 इंजेक्शन ही मिले. यह 11 अप्रैल से आवंटन की लागू नई सरकारी नीति के तहत नौ दिन में सबसे कम इंजेक्शन निजी अस्पतालों के मरीजों को मिले हैं.
वहीं MGM मेडिकल कॉलेज के अधीन चार अस्पतालों में भर्ती करीब 700 गंभीर मरीजों के लिए एक बार फिर 816 इंजेक्शन दिए गए, जबकि पहले से ही वहां पर करीब पांच हजार का स्टॉक है. कुछ दिन पहले नेताओं ने मुख्यमंत्री से यह नीति बदलते हुए पूरे जिले के अस्पतालों में भर्ती मरीजों को एक अनुपात में ही इंजेक्शन आवंटित करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक इस पर आदेश नहीं हुआ.
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